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धारा 73 - एकांत परिरोध
एकांत परिरोध जब कभी कोई व्यक्ति ऐसे अपराध के लिए दोषसिद्ध ठहराया जाता है जिसके लिए न्यायालय को इस संहिता के अधीन उसे कठिन कारावास से दंडादिष्ट करने की शक्ति है, तो न्यायालय अपने दंडादेश द्वारा आदेश दे सकेगा कि अपराधी को उस कारावास के, जिसके लिए वह दंडादिष्ट किया गया है, किसी भाग या भागों के लिए, जो कुल मिलाकर तीन मास…
पूरा पढ़ेंएकान्त कारावास।
जब भी कोई व्यक्ति ऐसे अपराध का दोषी पाया जाता है जिसके लिए इस संहिता के अधीन न्यायालय को उसे कठोर कारावास की सजा देने का अधिकार है, तो न्यायालय अपने फैसले में यह आदेश दे सकता है कि अपराधी को उसकी सजा के किसी भाग या भागों के लिए, कुल मिलाकर तीन महीने से अधिक न होने वाली अवधि के लिए, निम्नलिखित पैमाने के अनुसार एकांत…
पूरा पढ़ेंधारा 228A - कतिपय अपराधों आदि से पीड़ित व्यक्ति की पहचान का प्रकटीकरण
कतिपय अपराधों आदि से पीड़ित व्यक्ति की पहचान का प्रकटीकरण (1) जो कोई किसी नाम या अन्य बात को, जिससे किसी ऐसे व्यक्ति की (जिसे इस धारा में इसके पश्चात् पीड़ित व्यक्ति कहा गया है) पहचान हो सकती है, जिसके विरुद्ध धारा 376, धारा 376क, धारा 376ख, धारा 376ग या धारा 376घ के अधीन किसी अपराध का किया जाना अभिकथित है या किया गया…
पूरा पढ़ेंअदालती कार्यवाही से संबंधित किसी भी सामग्री को बिना अनुमति के छापना या प्रकाशित करना।
धारा 72 में निर्दिष्ट अपराध के संबंध में न्यायालय के समक्ष किसी कार्यवाही से संबंधित कोई भी सामग्री, न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना, मुद्रित या प्रकाशित करने वाले किसी भी व्यक्ति को दो वर्ष तक की कारावास की सजा दी जाएगी और वह जुर्माने का भी हकदार होगा। स्पष्टीकरण .---किसी उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय…
पूरा पढ़ें- IPC §73BNS §11
धारा 73 - एकांत परिरोध
एकान्त कारावास।
- IPC §228A(3)BNS §73
धारा 228A - कतिपय अपराधों आदि से पीड़ित व्यक्ति की पहचान का प्रकटीकरण
अदालती कार्यवाही से संबंधित किसी भी सामग्री को बिना अनुमति के छापना या प्रकाशित करना।
