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धारा 335 - प्रकोपन पर स्वेच्छया घोर उपहति कारित करना
प्रकोपन पर स्वेच्छया घोर उपहति कारित करना जो कोई गम्भीर और अचानक प्रकोपन पर स्वेच्छया घोर उपहति कारित करेगा, यदि न तो उसका आशय उस व्यक्ति से भिन्न, जिसने प्रकोपन दिया था, किसी व्यक्ति को घोर उपहति कारित करने का हो और न वह अपने द्वारा ऐसी उपहति कारित किया जाना सम्भाव्य जानता हो, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास…
पूरा पढ़ेंउकसावे पर जानबूझकर चोट पहुंचाना या गंभीर चोट पहुंचाना।
(1) जो कोई जानबूझकर गंभीर और अचानक उकसावे पर चोट पहुँचाता है, यदि उसका इरादा न तो किसी अन्य व्यक्ति को चोट पहुँचाने का है और न ही उसे यह पता है कि वह उकसाने वाले व्यक्ति के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को चोट पहुँचा सकता है, तो उसे किसी भी प्रकार के कारावास से एक महीने तक की अवधि के लिए, या पाँच हजार रुपये तक के जुर्माने…
पूरा पढ़ेंजाली दस्तावेज बनाना।
1. किसी व्यक्ति को झूठा दस्तावेज़ या झूठा इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाने वाला कहा जाता है— प्रथम. —जो बेईमानी से या धोखाधड़ी से— (क) किसी दस्तावेज़ या दस्तावेज़ के किसी भाग को बनाता है, उस पर हस्ताक्षर करता है, मुहर लगाता है या उसे निष्पादित करता है; (ख) कोई इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख या इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख का कोई भाग बनाता या…
पूरा पढ़ेंजाली दस्तावेज बनाना।
किसी व्यक्ति को झूठा दस्तावेज या झूठा इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाने वाला कहा जाता है--- (ए) जो बेईमानी से या धोखाधड़ी से--- (i) किसी दस्तावेज़ या दस्तावेज़ के किसी भाग को बनाता है, उस पर हस्ताक्षर करता है, मुहर लगाता है या उसे निष्पादित करता है; (ii) कोई इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड या किसी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का कोई भाग बनाता…
पूरा पढ़ें- IPC §335BNS §122(2)
धारा 335 - प्रकोपन पर स्वेच्छया घोर उपहति कारित करना
उकसावे पर जानबूझकर चोट पहुंचाना या गंभीर चोट पहुंचाना।
- IPC §464BNS §335
जाली दस्तावेज बनाना।
