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धारा 193 - मिथ्या साक्ष्य के लिए दण्ड
मिथ्या साक्ष्य के लिए दण्ड जो कोई किसी न्यायिक कार्यवाही के किसी प्रक्रम में साशय मिथ्या साक्ष्य देगा, या किसी न्यायिक कार्यवाही के किसी प्रक्रम में उपयोग में लाए जाने के प्रयोजन से मिथ्या साक्ष्य गढ़ेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा, और जुर्माने से भी…
पूरा पढ़ेंझूठे साक्ष्य प्रस्तुत करने पर दंड।
(1) जो कोई जानबूझकर न्यायिक कार्यवाही के किसी भी चरण में झूठी गवाही देता है, या न्यायिक कार्यवाही के किसी भी चरण में उपयोग किए जाने के उद्देश्य से झूठी गवाही गढ़ता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से सात वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा, और उस पर दस हजार रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। (2) उपधारा (1)…
पूरा पढ़ेंधारा 229 - जूरी सदस्य या असेसर का प्रतिरूपण
जूरी सदस्य या असेसर का प्रतिरूपण जो कोई किसी मामले में प्रतिरूपण द्वारा या अन्यथा, अपने को यह जानते हुए जूरी सदस्य या असेसर के रूप में तालिकांकित, पेनलित या गॄहीतशपथ साशय कराएगा या होने देना जानते हुए सहन करेगा कि वह इस प्रकार तालिकांकित, पेनलित या गॄहीतशपथ होने का विधि द्वारा हकदार नहीं है या यह जानते हुए कि वह इस…
पूरा पढ़ेंधारा 268. असेसर का प्रतिरूपण ।
268. जो कोई किसी मामले में प्रतिरूपण द्वारा या अन्यथा, अपने को यह जानते हुए असैसर के रूप में तालिकांकित, पेनलित या गृहीतशपथ जानबूझकर कराएगा या होने देना जानते हुए सहन करेगा कि वह इस प्रकार तालिकांकित, पेनलित या गृहीतशपथ होने का विधि द्वारा हकदार नहीं है या यह जानते हुए कि वह इस प्रकार तालिकांकित, पेनलित या गृहीतशपथ…
पूरा पढ़ेंधारा 229A - जमानत या बंधपत्र पर छोड़े गए व्यक्ति द्वारा न्यायालय में हाजिर होने में असफलता
जमानत या बंधपत्र पर छोड़े गए व्यक्ति द्वारा न्यायालय में हाजिर होने में असफलता जो कोई, किसी अपराध से आरोपित किए जाने पर और जमानत पर या प्रतिभुओं के बिना बंधपत्र पर छोड़ दिए जाने पर, जमानत या बंधपत्र के निबंधनों के अनुसार न्यायालय में हाजिर होने में पर्याप्त कारण के बिना (जिसे साबित करने का भार उस पर होगा) असफल रहेगा,…
पूरा पढ़ेंधारा 269. जमानतपत्र या बंधपत्र पर छोड़े गए व्यक्ति द्वारा न्यायालय में हाजिर होने में असफलता ।
269. जो कोई, किसी अपराध से आरोपित किए जाने पर और जमानतपत्र पर या अपने बंधपत्र पर छोड़ दिए जाने पर, जमानत या बंधपत्र के निबंधनों के अनुसार न्यायालय में पर्याप्त कारणों के बिना (जो साबित करने का भार उस पर होगा) हाजिर होने में असफल रहता है वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी या…
पूरा पढ़ें- IPC §193BNS §229
धारा 193 - मिथ्या साक्ष्य के लिए दण्ड
झूठे साक्ष्य प्रस्तुत करने पर दंड।
- IPC §229BNS §268
धारा 229 - जूरी सदस्य या असेसर का प्रतिरूपण
धारा 268. असेसर का प्रतिरूपण ।
- IPC §229ABNS §269
धारा 229A - जमानत या बंधपत्र पर छोड़े गए व्यक्ति द्वारा न्यायालय में हाजिर होने में असफलता
धारा 269. जमानतपत्र या बंधपत्र पर छोड़े गए व्यक्ति द्वारा न्यायालय में हाजिर होने में असफलता ।
