आईपीसी → बीएनएस
2 प्रविष्टियाँ
धारा 186 - लोक सेवक के लोक कॄत्यों के निर्वहन में बाधा डालना
लोक सेवक के लोक कॄत्यों के निर्वहन में बाधा डालना जो कोई किसी लोक सेवक के लोक कॄत्यों के निर्वहन में स्वेच्छया बाधा डालेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो पांच सौ रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
पूरा पढ़ेंलोक सेवक को उनके सार्वजनिक कार्यों के निर्वहन में बाधा डालना।
जो कोई भी स्वेच्छा से किसी लोक सेवक को उसके लोक कार्यों के निर्वहन में बाधा डालता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से तीन महीने तक की अवधि के लिए, या दो हजार पांच सौ रुपये तक के जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
पूरा पढ़ेंधारा 221 - पकड़ने के लिए आबद्ध लोक सेवक द्वारा पकड़ने का साशय लोप
पकड़ने के लिए आबद्ध लोक सेवक द्वारा पकड़ने का साशय लोप जो कोई ऐसा लोक सेवक होते हुए, जो किसी अपराध के लिए आरोपित या पकड़े जाने के दायित्व के अधीन किसी व्यक्ति को पकड़ने या परिरोध में रखने के लिए लोक सेवक के नाते वैध रूप से आबद्ध है, ऐसे व्यक्ति को पकड़ने का साशय लोप करेगा या ऐसे परिरोध में से ऐसे व्यक्ति का निकल भागना…
पूरा पढ़ेंधारा 259. पकड़ने के लिए आबद्ध लोक सेवक द्वारा पकड़ने का जानबूझकर लोप ।
259. कोई ऐसा लोक सेवक होते हुए, जो किसी अपराध के लिए आरोपित या पकड़े जाने के दायित्व के अधीन किसी व्यक्ति को पकड़ने या परिरोध में रखने के लिए सेवक के नाते वैध रूप से आबद्ध है, ऐसे व्यक्ति को पकड़ने का जानबूझकर लोप करता है या ऐसे परिरोध में से ऐसे व्यक्ति का निकल भागना जानबूझकर सहन करता है या ऐसे व्यक्ति के निकल भागने…
पूरा पढ़ें- IPC §186BNS §221
धारा 186 - लोक सेवक के लोक कॄत्यों के निर्वहन में बाधा डालना
लोक सेवक को उनके सार्वजनिक कार्यों के निर्वहन में बाधा डालना।
- IPC §221BNS §259
धारा 221 - पकड़ने के लिए आबद्ध लोक सेवक द्वारा पकड़ने का साशय लोप
धारा 259. पकड़ने के लिए आबद्ध लोक सेवक द्वारा पकड़ने का जानबूझकर लोप ।
