आईपीसी → बीएनएस
2 प्रविष्टियाँ
धारा 188 - लोक सेवक द्वारा सम्यक् रूप से प्रख्यापित आदेश की अवज्ञा
लोक सेवक द्वारा सम्यक् रूप से प्रख्यापित आदेश की अवज्ञा जो कोई यह जानते हुए कि वह ऐसे लोक सेवक द्वारा प्रख्यापित किसी आदेश से, जो ऐसे आदेश को प्रख्यापित करने के लिए विधिपूर्वक सशक्त है, कोई कार्य करने से विरत रहने के लिए या अपने कब्जे में की, या अपने प्रबन्धाधीन, किसी संपत्ति के बारे में कोई विशेष व्यवस्था करने के लिए…
पूरा पढ़ेंलोक सेवक द्वारा विधिवत जारी किए गए आदेश की अवज्ञा करना।
जो कोई भी, यह जानते हुए कि किसी लोक सेवक द्वारा, जिसे ऐसा आदेश जारी करने का विधिवत अधिकार प्राप्त है, जारी किए गए आदेश के द्वारा उसे किसी विशिष्ट कार्य से परहेज करने या अपने कब्जे में या अपने प्रबंधन के अधीन किसी विशिष्ट संपत्ति के संबंध में कोई विशिष्ट आदेश लेने का निर्देश दिया गया है, ऐसे निर्देश का उल्लंघन करता…
पूरा पढ़ेंधारा 245 - टकसाल से सिक्का बनाने का उपकरण विधिविरुद्ध रूप से लेना
टकसाल से सिक्का बनाने का उपकरण विधिविरुद्ध रूप से लेना जो कोई भारत में विधिपूर्वक स्थापित किसी टकसाल में से सिक्का बनाने के किसी औजार या उपकरण को विधिपूर्ण प्राधिकार के बिना बाहर निकाल लाएगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।
पूरा पढ़ेंटकसाल से सिक्का ढलाई उपकरण को गैरकानूनी रूप से ले जाना।
जो कोई भी वैधानिक अधिकार के बिना, भारत में वैध रूप से स्थापित किसी भी टकसाल से कोई सिक्का बनाने का उपकरण या यंत्र बाहर ले जाता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा जिसकी अवधि सात वर्ष तक हो सकती है, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
पूरा पढ़ें- IPC §188BNS §223
धारा 188 - लोक सेवक द्वारा सम्यक् रूप से प्रख्यापित आदेश की अवज्ञा
लोक सेवक द्वारा विधिवत जारी किए गए आदेश की अवज्ञा करना।
- IPC §245BNS §188
धारा 245 - टकसाल से सिक्का बनाने का उपकरण विधिविरुद्ध रूप से लेना
टकसाल से सिक्का ढलाई उपकरण को गैरकानूनी रूप से ले जाना।
