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धारा 136 - अभित्याजक को संश्रय देना
अभित्याजक को संश्रय देना जो कोई, एतस्मिन्पश्चात् अपवादित दशा के सिवाय, यह जानते हुए या यह विश्वास करने का कारण रखते हुए कि भारत सरकार की सेना, नौसेना या वायुसेना के किसी आफिसर, सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक ने अभित्यजन किया है, ऐसे आफिसर, सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक को संश्रय देगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास…
पूरा पढ़ेंभगोड़े को शरण देना।
इसके बाद जिन मामलों में अपवाद नहीं दिए गए हैं, उन्हें छोड़कर, जो कोई भी यह जानते हुए या यह मानने का कारण रखते हुए कि भारत सरकार की सेना, नौसेना या वायु सेना का कोई अधिकारी, सैनिक, नाविक या वायुसैनिक भाग गया है, ऐसे अधिकारी, सैनिक, नाविक या वायुसैनिक को शरण देता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दो वर्ष तक की अवधि…
पूरा पढ़ेंधारा 164 — निरसित
यह धारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (1988 का अधिनियम संख्यांक 49) की धारा 31 द्वारा भारतीय दण्ड संहिता से लोप कर दी गई थी। इसका विषय अब उक्त अधिनियम में है।
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- IPC §136BNS §164
धारा 136 - अभित्याजक को संश्रय देना
भगोड़े को शरण देना।
- IPC §164BNS §-
धारा 164 — निरसित
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IPC §164BNS §-
