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धारा 132 - विद्रोह का दुष्प्रेरण, यदि उसके परिणामस्वरूप विद्रोह किया जाए
विद्रोह का दुष्प्रेरण, यदि उसके परिणामस्वरूप विद्रोह किया जाए जो कोई भारत सरकार की सेना, नौसेना या वायुसेना के किसी आफिसर, सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक द्वारा विद्रोह किया जाना दुष्प्रेरित करेगा, तो यदि उस दुष्प्रेरण के परिणामस्वरूप विद्रोह किया जाए, वह मृत्यु से, या आजीवन कारावास से, या दोनों में से किसी भांति के…
पूरा पढ़ेंविद्रोह को उकसाना, यदि इसके परिणामस्वरूप विद्रोह किया जाता है।
भारत सरकार की सेना, नौसेना या वायु सेना में कार्यरत किसी अधिकारी, सैनिक, नाविक या वायुसैनिक द्वारा विद्रोह करने के लिए उकसाने वाला कोई भी व्यक्ति, यदि उस उकसावे के परिणामस्वरूप विद्रोह होता है, तो उसे मृत्युदंड या आजीवन कारावास या दस वर्ष तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा और उस पर…
पूरा पढ़ेंधारा 160 - दंगा करने के लिए दंड
दंगा करने के लिए दंड जो कोई दंगा करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो एक सौ रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
पूरा पढ़ेंमारपीट।
(1) जब दो या दो से अधिक व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर लड़ाई करके सार्वजनिक शांति भंग करते हैं, तो उन्हें झगड़ा करना कहा जाता है। (2) जो कोई भी दंगा करेगा, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से एक महीने तक की अवधि के लिए, या एक हजार रुपये तक के जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
पूरा पढ़ें- IPC §132BNS §160
धारा 132 - विद्रोह का दुष्प्रेरण, यदि उसके परिणामस्वरूप विद्रोह किया जाए
विद्रोह को उकसाना, यदि इसके परिणामस्वरूप विद्रोह किया जाता है।
- IPC §160BNS §194(2)
धारा 160 - दंगा करने के लिए दंड
मारपीट।
