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धारा 125 - भारत सरकार से मैत्री संबंध रखने वाली किसी एशियाई शक्ति के विरुद्ध युद्ध करना
भारत सरकार से मैत्री संबंध रखने वाली किसी एशियाई शक्ति के विरुद्ध युद्ध करना जो कोई भारत सरकार से मैत्री का या शांति का संबंध रखने वाली किसी एशियाई शक्ति की सरकार के विरुद्ध युद्ध करेगा या ऐसा युद्ध करने का प्रयत्न करेगा, या ऐसा युद्ध करने के लिए दुष्प्रेरण करेगा, वह आजीवन कारावास से, जिसमें जुर्माना जोड़ा जा सकेगा या…
पूरा पढ़ेंभारत सरकार के साथ शांति स्थापित करने वाले किसी भी विदेशी राज्य की सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ना।
जो कोई भी भारत सरकार के साथ शांति स्थापित करने वाले किसी विदेशी राज्य की सरकार के विरुद्ध युद्ध छेड़ता है, या ऐसा युद्ध छेड़ने का प्रयास करता है, या ऐसे युद्ध छेड़ने में सहायता करता है, उसे आजीवन कारावास की सजा दी जाएगी, जिसमें जुर्माना भी जोड़ा जा सकता है, या किसी भी प्रकार के कारावास की सजा दी जाएगी जिसकी अवधि सात…
पूरा पढ़ेंधारा 336 - कार्य जिससे दूसरों का जीवन या वैयक्तिक क्षेम संकटापन्न हो
कार्य जिससे दूसरों का जीवन या वैयक्तिक क्षेम संकटापन्न हो जो कोई इतने उतावलेपन या उपेक्षा से कोई कार्य करेगा कि उससे मानव जीवन या दूसरों का वैयक्तिक क्षेम संकटापन्न होता हो, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो ढ़ाई सौ रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दण्डित…
पूरा पढ़ेंऐसा कृत्य जिससे दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा हो।
जो कोई भी ऐसा कार्य इतनी जल्दबाजी या लापरवाही से करता है जिससे मानव जीवन या दूसरों की व्यक्तिगत सुरक्षा खतरे में पड़ जाए, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से तीन महीने तक की अवधि के लिए या ढाई हजार रुपये तक के जुर्माने से या दोनों से दंडित किया जाएगा, लेकिन— (क) जहां चोट पहुंचाई जाती है, वहां छह महीने तक की अवधि के लिए…
पूरा पढ़ेंधारा 337 - ऐसे कार्य द्वारा उपहति कारित करना, जिससे दूसरों का जीवन या वैयक्तिक क्षेम संकटापन्न हो जाए
ऐसे कार्य द्वारा उपहति कारित करना, जिससे दूसरों का जीवन या वैयक्तिक क्षेम संकटापन्न हो जाए जो कोई ऐसे उतावलेपन या उपेक्षा से कोई कार्य करने द्वारा, जिससे मानव जीवन या दूसरों का वैयक्तिक क्षेम संकटापन्न हो जाए, किसी व्यक्ति को उपहति कारित करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो…
पूरा पढ़ेंऐसा कृत्य जिससे दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा हो।
जो कोई भी ऐसा कार्य इतनी जल्दबाजी या लापरवाही से करता है जिससे मानव जीवन या दूसरों की व्यक्तिगत सुरक्षा खतरे में पड़ जाए, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से तीन महीने तक की अवधि के लिए या ढाई हजार रुपये तक के जुर्माने से या दोनों से दंडित किया जाएगा, लेकिन— (क) जहां चोट पहुंचाई जाती है, वहां छह महीने तक की अवधि के लिए…
पूरा पढ़ेंधारा 338 - ऐसे कार्य द्वारा घोर उपहति कारित करना जिससे दूसरों का जीवन या वैयक्तिक क्षेम संकटापन्न हो जाए
ऐसे कार्य द्वारा घोर उपहति कारित करना जिससे दूसरों का जीवन या वैयक्तिक क्षेम संकटापन्न हो जाए जो कोई ऐसे उतावलेपन या उपेक्षा से कोई कार्य करने द्वारा, जिससे मानव जीवन या दूसरों का वैयक्तिक क्षेम संकटापन्न हो जाए, किसी व्यक्ति को घोर उपहति कारित करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की…
पूरा पढ़ेंऐसा कृत्य जिससे दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा हो।
जो कोई भी ऐसा कार्य इतनी जल्दबाजी या लापरवाही से करता है जिससे मानव जीवन या दूसरों की व्यक्तिगत सुरक्षा खतरे में पड़ जाए, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से तीन महीने तक की अवधि के लिए या ढाई हजार रुपये तक के जुर्माने से या दोनों से दंडित किया जाएगा, लेकिन— (क) जहां चोट पहुंचाई जाती है, वहां छह महीने तक की अवधि के लिए…
पूरा पढ़ें- IPC §125BNS §153
धारा 125 - भारत सरकार से मैत्री संबंध रखने वाली किसी एशियाई शक्ति के विरुद्ध युद्ध करना
भारत सरकार के साथ शांति स्थापित करने वाले किसी भी विदेशी राज्य की सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ना।
- IPC §336BNS §125
धारा 336 - कार्य जिससे दूसरों का जीवन या वैयक्तिक क्षेम संकटापन्न हो
ऐसा कृत्य जिससे दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा हो।
- IPC §337BNS §125(a)
धारा 337 - ऐसे कार्य द्वारा उपहति कारित करना, जिससे दूसरों का जीवन या वैयक्तिक क्षेम संकटापन्न हो जाए
ऐसा कृत्य जिससे दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा हो।
- IPC §338BNS §125(b)
धारा 338 - ऐसे कार्य द्वारा घोर उपहति कारित करना जिससे दूसरों का जीवन या वैयक्तिक क्षेम संकटापन्न हो जाए
ऐसा कृत्य जिससे दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा हो।
