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धारा 105 - संपत्ति की प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का प्रारंभ और बना रहना
संपत्ति की प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का प्रारंभ और बना रहना संपत्ति की प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार तब प्रारंभ होता है, जब संपत्ति के संकट की युक्तियुक्त आशंका प्रारंभ होती है । संपत्ति की प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार, चोरी के विरुद्ध अपराधी के संपत्ति सहित पहुंच से बाहर हो जाने तक अथवा या तो लोक प्राधिकार्यो की…
पूरा पढ़ेंसंपत्ति की निजी रक्षा के अधिकार का प्रारंभ और निरंतरता।
संपत्ति की निजी रक्षा का अधिकार,— (क) संपत्ति को खतरे की उचित आशंका उत्पन्न होने पर प्रारंभ होता है; (ख) चोरी के विरुद्ध कार्रवाई तब तक जारी रहती है जब तक अपराधी संपत्ति लेकर भाग न जाए या सार्वजनिक अधिकारियों की सहायता प्राप्त न हो जाए या संपत्ति बरामद न हो जाए; (ग) डकैती के विरुद्ध अपराध तब तक जारी रहता है जब तक…
पूरा पढ़ेंहत्या न करने के अपराध में गैर इरादतन हत्या के लिए सजा।
जो कोई भी हत्या न करने के इरादे से गैर इरादतन हत्या करता है, उसे 1 [आजीवन कारावास] या किसी भी प्रकार के कारावास से दस वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और जुर्माना भी लगाया जाएगा, यदि जिस कृत्य से मृत्यु हुई है वह मृत्यु का कारण बनने या ऐसी शारीरिक चोट पहुंचाने के इरादे से किया गया है जिससे मृत्यु होने की…
पूरा पढ़ेंहत्या न करने के अपराध में गैर इरादतन हत्या के लिए सजा।
जो कोई भी हत्या न करने के इरादे से गैर इरादतन हत्या करता है, उसे आजीवन कारावास या किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसकी अवधि पांच वर्ष से कम नहीं होगी, लेकिन दस वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है, और जुर्माना भी लगाया जाएगा, यदि मृत्यु का कारण बनने वाला कृत्य मृत्यु का कारण बनने या ऐसी शारीरिक चोट पहुंचाने के…
पूरा पढ़ें- IPC §105BNS §43
धारा 105 - संपत्ति की प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का प्रारंभ और बना रहना
संपत्ति की निजी रक्षा के अधिकार का प्रारंभ और निरंतरता।
- IPC §304BNS §105
हत्या न करने के अपराध में गैर इरादतन हत्या के लिए सजा।
