आईईए → बीएसए

2 प्रविष्टियाँ

  • IEA §32BSA §26

    ऐसे मामले जिनमें किसी मृत या अनुपलब्ध व्यक्ति द्वारा प्रासंगिक तथ्य का कथन प्रासंगिक होता है। जब यह मृत्यु के कारण से संबंधित हो; या व्यवसाय के दौरान किया गया हो; या कथनकर्ता के हित के विरुद्ध हो; या सार्वजनिक अधिकार या रीति-रिवाज, या सामान्य हित के मामलों के बारे में राय देता हो; या रिश्तेदारी के अस्तित्व से संबंधित हो; या वसीयत या पारिवारिक मामलों से संबंधित विलेख में किया गया हो; या धारा 13 के खंड (क) में उल्लिखित लेनदेन से संबंधित दस्तावेज में किया गया हो; या अनेक व्यक्तियों द्वारा किया गया हो और विचाराधीन मामले से संबंधित भावनाओं को व्यक्त करता हो।

    ऐसे मामले जिनमें किसी मृत व्यक्ति या ऐसे व्यक्ति द्वारा दिए गए प्रासंगिक तथ्य का कथन प्रासंगिक होता है जिसका पता नहीं लगाया जा सकता है।

  • IEA §38BSA §32

    विधि की पुस्तकों में अंतर्विष्ट किसी विधि के कथनों की सुसंगति

    कानून की पुस्तकों में निहित किसी भी कानून से संबंधित कथनों की प्रासंगिकता, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल रूप भी शामिल हैं।