आईईए → बीएसए
4 प्रविष्टियाँ
सिविल मामलों में स्वीकृतियाँ कब सुसंगत होती है
सिविल मामलों में कोई भी स्वीकृति सुसंगत नहीं है, यदि वह या तो इस अभिव्यक्त शर्त पर की गई हो कि उसका साक्ष्य नहीं दिया जाएगा या ऐसी परिस्थितियाँ के अधीन दी गई हो जिनसे न्यायालय यह अनुमान कर सके कि पक्षकार इस बात पर परस्पर समहत हो गए थे कि उसका साक्ष्य नहीं दिया जाना चाहिए । स्पष्टीकरण : इस धारा की कोई भी बात किसी…
पूरा पढ़ेंप्रासंगिक होने पर दीवानी मामलों में स्वीकारोक्ति।
दीवानी मामलों में कोई भी स्वीकारोक्ति प्रासंगिक नहीं होती है, यदि वह इस स्पष्ट शर्त पर की गई हो कि उसका साक्ष्य नहीं दिया जाना चाहिए, या ऐसी परिस्थितियों में की गई हो जिससे न्यायालय यह अनुमान लगा सके कि पक्षकारों ने आपस में सहमति व्यक्त की थी कि उसका साक्ष्य नहीं दिया जाना चाहिए। स्पष्टीकरण। -इस धारा में ऐसा कुछ भी…
पूरा पढ़ेंपुलिस ऑफिसर से की गई संस्वीकृति का साबित न किया जाना
पुलिस ऑफिसर से की गई कोई भी संस्वीकृति किसी अपराध के अभियुक्त व्यक्ति के विरुद्ध साबित न की जाएगी ।
पूरा पढ़ेंपुलिस अधिकारी के समक्ष अपराध स्वीकारोक्ति।
(1) किसी पुलिस अधिकारी के समक्ष दिया गया कोई भी इकबालिया बयान किसी अपराध के आरोपी व्यक्ति के विरुद्ध सिद्ध नहीं किया जाएगा। (2) किसी पुलिस अधिकारी की हिरासत में रहते हुए किसी व्यक्ति द्वारा दिया गया कोई भी इकबालिया बयान, जब तक कि वह मजिस्ट्रेट की तत्काल उपस्थिति में न दिया गया हो, उसके विरुद्ध सिद्ध नहीं किया जाएगा।…
पूरा पढ़ेंपुलिस की अभिरक्षा में होते हुए अभियुक्त द्वारा की गई संस्वीकृति का उसके विरुद्ध साबित न किया जाना
किसी भी व्यक्ति द्वारा उस समय, जब कि वह पुलिस ऑफिसर की अभिरक्षा में है, की गई कोई भी संस्वीकृति ऐसे व्यक्ति के विरुद्ध साबित न की जाएगी, जब तक कि वह मजिस्ट्रेट की तुरन्त उपस्थिति में न की गई हो । स्पष्टीकरण : इस धारा में "मजिस्ट्रेट" के अन्तर्गत फोर्ट सेण्ट जॉर्ज की प्रेसिडेन्सी में या अन्यत्र मजिस्ट्रेटी कृत्यों का…
पूरा पढ़ेंपुलिस अधिकारी के समक्ष अपराध स्वीकारोक्ति।
(1) किसी पुलिस अधिकारी के समक्ष दिया गया कोई भी इकबालिया बयान किसी अपराध के आरोपी व्यक्ति के विरुद्ध सिद्ध नहीं किया जाएगा। (2) किसी पुलिस अधिकारी की हिरासत में रहते हुए किसी व्यक्ति द्वारा दिया गया कोई भी इकबालिया बयान, जब तक कि वह मजिस्ट्रेट की तत्काल उपस्थिति में न दिया गया हो, उसके विरुद्ध सिद्ध नहीं किया जाएगा।…
पूरा पढ़ेंअभियुक्त से प्राप्त जानकारी में से कितनी साबित की जा सकेगी
परन्तु जब कि किसी अपराध के अभियुक्त व्यक्ति से, जो पुलिस ऑफिसर की अभिरक्षा में है, प्राप्त जानकारी के परिणामस्वरूप किसी तथ्य के पता चलने का अभिसाक्ष्य दिया जाता है, तब ऐसी जानकारी में से उतनी, चाहे वह संस्वीकृति की कोटि में आती हो या न आती हो, जितनी एतद्द्वारा पता चले तथ्य से स्पष्टत: संबंधित है, साबित की जा सकेगी ।
पूरा पढ़ेंपुलिस अधिकारी के समक्ष अपराध स्वीकारोक्ति।
(1) किसी पुलिस अधिकारी के समक्ष दिया गया कोई भी इकबालिया बयान किसी अपराध के आरोपी व्यक्ति के विरुद्ध सिद्ध नहीं किया जाएगा। (2) किसी पुलिस अधिकारी की हिरासत में रहते हुए किसी व्यक्ति द्वारा दिया गया कोई भी इकबालिया बयान, जब तक कि वह मजिस्ट्रेट की तत्काल उपस्थिति में न दिया गया हो, उसके विरुद्ध सिद्ध नहीं किया जाएगा।…
पूरा पढ़ें- IEA §23BSA §21
सिविल मामलों में स्वीकृतियाँ कब सुसंगत होती है
प्रासंगिक होने पर दीवानी मामलों में स्वीकारोक्ति।
- IEA §25BSA §23 (1)
पुलिस ऑफिसर से की गई संस्वीकृति का साबित न किया जाना
पुलिस अधिकारी के समक्ष अपराध स्वीकारोक्ति।
- IEA §26BSA §23 (2)
पुलिस की अभिरक्षा में होते हुए अभियुक्त द्वारा की गई संस्वीकृति का उसके विरुद्ध साबित न किया जाना
पुलिस अधिकारी के समक्ष अपराध स्वीकारोक्ति।
- IEA §27BSA §23 (Proviso)
अभियुक्त से प्राप्त जानकारी में से कितनी साबित की जा सकेगी
पुलिस अधिकारी के समक्ष अपराध स्वीकारोक्ति।
