आईईए → बीएसए
2 प्रविष्टियाँ
प्रतिपरीक्षा में विधिपूर्ण प्रश्न
जबकि किसी साक्षी से प्रतिपरीक्षा की जाती है, तब उससे एतस्मिनपूर्व निर्दिष्ट प्रश्नों के अतिरिक्त ऐसे कोई भी प्रश्न पूछे जा सकेंगे, जिनकी प्रवृत्ति - १)उसकी सत्यवादिता परखने की है, २)यह पता चलाने की है वह कौन है और जीवन में उसकी स्थिति क्या है, अथवा ३)उसके शील को दोष लगाकर उसकी विश्वसनीयता को धक्का पहुंचाने की है, चाहे…
पूरा पढ़ेंजिरह के दौरान पूछे जाने वाले प्रश्न वैध होते हैं।
जब किसी गवाह से जिरह की जाती है, तो उससे ऊपर उल्लिखित प्रश्नों के अतिरिक्त, कोई भी ऐसे प्रश्न पूछे जा सकते हैं जो— (क) उसकी सत्यता की परीक्षा लेने के लिए; या (ख) यह पता लगाना कि वह कौन है और जीवन में उसकी क्या स्थिति है; या (ग) उसके चरित्र को नुकसान पहुंचाकर उसकी साख को धूमिल करना, भले ही ऐसे प्रश्नों के उत्तर…
पूरा पढ़ेंयुक्तियुक्त आधारों के बिना प्रश्न न पूछा जाएगा
कोई भी ऐसा प्रश्न, जैसा की धारा १४८ में निर्दिष्ट है, नहीं पूछा जाना चाहिए, जब तक कि पूछने वाले व्यक्ति के पास यह सोचने के लिए युक्तियुक्त आधार न हो कि वह लांछन, जिसका उससे प्रवहण (पहुंचना) होता है, सुधारित है । दृष्टांत : क)किसी बैरिस्टर को किसी अटर्नी या वकिल द्वारा अनुदेश दिया गया है कि एक महत्वपूर्ण साक्षी डकैत है…
पूरा पढ़ेंउचित कारण के बिना प्रश्न नहीं पूछा जाना चाहिए।
धारा 151 में उल्लिखित ऐसा कोई प्रश्न नहीं पूछा जाना चाहिए, जब तक कि प्रश्न पूछने वाले व्यक्ति के पास यह सोचने के लिए उचित आधार न हो कि इससे लगाया गया आरोप सही है। रेखांकन (क) एक वकील को दूसरे वकील द्वारा यह निर्देश दिया जाता है कि एक महत्वपूर्ण गवाह डाकू है। यह गवाह से यह पूछने का एक उचित आधार है कि क्या वह डाकू है।…
पूरा पढ़ें- IEA §146BSA §149
प्रतिपरीक्षा में विधिपूर्ण प्रश्न
जिरह के दौरान पूछे जाने वाले प्रश्न वैध होते हैं।
- IEA §149BSA §152
युक्तियुक्त आधारों के बिना प्रश्न न पूछा जाएगा
उचित कारण के बिना प्रश्न नहीं पूछा जाना चाहिए।
