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3 प्रविष्टियाँ
धारा 396. उच्च न्यायालय के विनिश्चय के अनुसार मामले का निपटारा
396. उच्च न्यायालय के विनिश्चय के अनुसार मामले का निपटारा (1) जब कोई प्रश्न इस प्रकार निर्दिष्ट किया गया है, तब उच्च न्यायालय उस पर ऐसा आदेश पारित करेगा जैसा वह ठीक समझे, और ऐसे आदेश की एक प्रति उस न्यायालय को भिजवाएगा जिसके द्वारा निर्देश किया गया था, और वह न्यायालय उक्त आदेश के अनुरूप मामले का निपटारा करेगा। (2)…
पूरा पढ़ेंउच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार मामले का निपटारा।
(1) जब कोई प्रश्न इस प्रकार संदर्भित किया गया हो, तो उच्च न्यायालय उस पर ऐसा आदेश पारित करेगा जैसा वह उचित समझे, और ऐसे आदेश की एक प्रति उस न्यायालय को भेजेगा जिसके द्वारा संदर्भ भेजा गया था, जो उक्त आदेश के अनुसार मामले का निपटारा करेगा। (2) उच्च न्यायालय यह निर्देश दे सकता है कि ऐसे संदर्भ का खर्च किसके द्वारा वहन…
पूरा पढ़ेंधारा 437. अजमानतीय अपराध की दशा में कब जमानत ली जा सकेगी
437. अजमानतीय अपराध की दशा में कब जमानत ली जा सकेगी (1) जब किसी अजमानतीय अपराध का अभियुक्त या उसके किए जाने का संदिग्ध कोई व्यक्ति पुलिस थाने के भारसाधक अधिकारी द्वारा वारंट के बिना गिरफ्तार या निरुद्ध किया जाता है, अथवा उच्च न्यायालय या सेशन न्यायालय से भिन्न किसी न्यायालय के समक्ष हाजिर होता है या लाया जाता है, तब…
पूरा पढ़ेंगैर-जमानती अपराध के मामले में जमानत कब ली जा सकती है?
(1) जब किसी गैर-जमानती अपराध के आरोप में या संदेह में किसी व्यक्ति को पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी द्वारा बिना वारंट के गिरफ्तार या हिरासत में लिया जाता है, या वह उच्च न्यायालय या सत्र न्यायालय के अलावा किसी अन्य न्यायालय के समक्ष पेश होता है या लाया जाता है, तो उसे जमानत पर रिहा किया जा सकता है, लेकिन--- (i) ऐसे…
पूरा पढ़ेंधारा 437A. जमानत द्वारा अभियुक्त से अगले अपील न्यायालय के समक्ष हाजिर होने की अपेक्षा करना
437A. जमानत द्वारा अभियुक्त से अगले अपील न्यायालय के समक्ष हाजिर होने की अपेक्षा करना (1) विचारण की समाप्ति के पहले और अपील के निपटारे के पहले, अपराध का विचारण करने वाला न्यायालय या, यथास्थिति, अपील न्यायालय, अभियुक्त से यह अपेक्षा करेगा कि वह प्रतिभुओं सहित जमानत-बंधपत्र निष्पादित करे कि वह उच्चतर न्यायालय के समक्ष…
पूरा पढ़ेंजमानत के तहत आरोपी को अगली अपीलीय अदालत के समक्ष पेश होना होगा।
(1) मुकदमे की सुनवाई समाप्त होने से पहले और अपील के निपटारे से पहले, अपराध की सुनवाई करने वाला न्यायालय या अपीलीय न्यायालय, जैसा भी मामला हो, आरोपी से एक बांड या जमानत बांड निष्पादित करने के लिए कहेगा, ताकि वह उच्च न्यायालय के समक्ष तब उपस्थित हो जब भी ऐसा न्यायालय संबंधित न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध दायर किसी अपील…
पूरा पढ़ें- CRPC §396BNSS §437
धारा 396. उच्च न्यायालय के विनिश्चय के अनुसार मामले का निपटारा
उच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार मामले का निपटारा।
- CRPC §437BNSS §480
धारा 437. अजमानतीय अपराध की दशा में कब जमानत ली जा सकेगी
गैर-जमानती अपराध के मामले में जमानत कब ली जा सकती है?
- CRPC §437ABNSS §481
धारा 437A. जमानत द्वारा अभियुक्त से अगले अपील न्यायालय के समक्ष हाजिर होने की अपेक्षा करना
जमानत के तहत आरोपी को अगली अपीलीय अदालत के समक्ष पेश होना होगा।
