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धारा 195A. धमकी आदि की दशा में साक्षियों के लिए प्रक्रिया
195A. धमकी आदि की दशा में साक्षियों के लिए प्रक्रिया कोई साक्षी या कोई अन्य व्यक्ति भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की धारा 195क के अधीन किसी अपराध के संबंध में परिवाद फाइल कर सकेगा।
पूरा पढ़ेंधमकी आदि के मामलों में गवाहों के लिए प्रक्रिया।
कोई गवाह या कोई अन्य व्यक्ति भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 232 के तहत किसी अपराध के संबंध में शिकायत दर्ज करा सकता है।
पूरा पढ़ेंधारा 216. न्यायालय आरोप परिवर्तित कर सकेगा
216. न्यायालय आरोप परिवर्तित कर सकेगा (1) कोई न्यायालय निर्णय सुनाए जाने के पूर्व किसी भी समय किसी आरोप को परिवर्तित कर सकेगा या उसमें परिवर्धन कर सकेगा। (2) ऐसा प्रत्येक परिवर्तन या परिवर्धन अभियुक्त को पढ़कर सुनाया और समझाया जाएगा। (3) यदि आरोप में किया गया परिवर्तन या परिवर्धन ऐसा है कि न्यायालय की राय में विचारण…
पूरा पढ़ेंन्यायालय आरोप में बदलाव कर सकता है।
(1) कोई न्यायालय निर्णय सुनाए जाने से पहले किसी भी समय किसी आरोप में परिवर्तन या जोड़ कर सकता है। (2) ऐसा प्रत्येक परिवर्तन या परिवर्धन अभियुक्त को पढ़कर समझाया जाएगा। (3) यदि किसी आरोप में परिवर्तन या परिवर्धन इस प्रकार का हो कि न्यायालय की राय में मुकदमे की कार्यवाही तुरंत शुरू करने से अभियुक्त को उसके बचाव में या…
पूरा पढ़ें- CRPC §195ABNSS §216
धारा 195A. धमकी आदि की दशा में साक्षियों के लिए प्रक्रिया
धमकी आदि के मामलों में गवाहों के लिए प्रक्रिया।
- CRPC §216BNSS §239
धारा 216. न्यायालय आरोप परिवर्तित कर सकेगा
न्यायालय आरोप में बदलाव कर सकता है।
