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धारा 105G. संपत्ति के समपहरण की सूचना
105G. संपत्ति के समपहरण की सूचना (1) यदि धारा 105घ के अधीन जांच, अन्वेषण या सर्वेक्षण के परिणामस्वरूप न्यायालय के पास यह विश्वास करने का कारण है कि ऐसी सभी संपत्तियां या उनमें से कोई अपराध से अर्जित आय है, तो वह ऐसे व्यक्ति पर (जिसे इसमें इसके पश्चात् प्रभावित व्यक्ति कहा गया है) सूचना की तामील कर सकेगा, जिसके द्वारा…
पूरा पढ़ेंसंपत्ति की ज़ब्ती की सूचना।
(1) यदि धारा 116 के तहत की गई जांच, छानबीन या सर्वेक्षण के परिणामस्वरूप न्यायालय को यह विश्वास करने का कारण हो कि ऐसी सभी या कोई भी संपत्ति अपराध की आय है, तो वह ऐसे व्यक्ति (जिसे इसके बाद प्रभावित व्यक्ति कहा जाएगा) को नोटिस जारी कर सकता है, जिसमें उसे नोटिस में निर्दिष्ट तीस दिनों की अवधि के भीतर आय, कमाई या…
पूरा पढ़ेंधारा 119. वह अवधि, जिसके लिए प्रतिभूति अपेक्षित है, उसका प्रारंभ
119. वह अवधि, जिसके लिए प्रतिभूति अपेक्षित है, उसका प्रारंभ (1) यदि कोई व्यक्ति, जिसके संबंध में धारा 106 या धारा 117 के अधीन प्रतिभूति की अपेक्षा करने वाला आदेश किया गया है, ऐसा आदेश किए जाने के समय कारावास का दंडादेश पा चुका है या भोग रहा है, तो वह अवधि, जिसके लिए ऐसी प्रतिभूति अपेक्षित है, ऐसे दंडादेश की समाप्ति पर…
पूरा पढ़ेंवह अवधि प्रारंभ जिसके लिए सुरक्षा की आवश्यकता होती है।
(1) यदि कोई व्यक्ति, जिसके संबंध में धारा 125 या धारा 136 के तहत सुरक्षा की मांग करने वाला आदेश दिया गया है, ऐसे आदेश दिए जाने के समय कारावास की सजा प्राप्त कर रहा हो या कारावास की सजा भुगत रहा हो, तो ऐसी सुरक्षा की मांग की अवधि ऐसी सजा की समाप्ति पर प्रारंभ होगी। (2) अन्य मामलों में ऐसी अवधि ऐसे आदेश की तिथि से…
पूरा पढ़ें- CRPC §105GBNSS §119
धारा 105G. संपत्ति के समपहरण की सूचना
संपत्ति की ज़ब्ती की सूचना।
- CRPC §119BNSS §138
धारा 119. वह अवधि, जिसके लिए प्रतिभूति अपेक्षित है, उसका प्रारंभ
वह अवधि प्रारंभ जिसके लिए सुरक्षा की आवश्यकता होती है।
