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धारा 105C. संपत्ति की कुर्की या समपहरण के आदेशों के संबंध में सहायता
105C. संपत्ति की कुर्की या समपहरण के आदेशों के संबंध में सहायता (1) जहां भारत में किसी न्यायालय के पास यह विश्वास करने के लिए युक्तियुक्त आधार हैं कि किसी व्यक्ति द्वारा अभिप्राप्त कोई संपत्ति ऐसे व्यक्ति द्वारा किसी अपराध के किए जाने से प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः व्युत्पन्न या अभिप्राप्त की गई है, वहां वह धारा 105घ…
पूरा पढ़ेंसंपत्ति की कुर्की या ज़ब्ती के आदेशों के संबंध में सहायता।
(1) यदि भारत में किसी न्यायालय के पास यह मानने के लिए उचित आधार हों कि किसी व्यक्ति द्वारा अर्जित कोई संपत्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी अपराध के निर्वाह से प्राप्त की गई है, तो वह धारा 116 से 122 (दोनों सहित) के प्रावधानों के अधीन ऐसी संपत्ति की कुर्की या ज़ब्ती का आदेश दे सकता है, जैसा वह उचित समझे। (2)…
पूरा पढ़ेंधारा 115. व्यक्तिगत हाजिरी से अभिमुक्ति देने की शक्ति
115. व्यक्तिगत हाजिरी से अभिमुक्ति देने की शक्ति मजिस्ट्रेट, यदि वह पर्याप्त कारण देखता है तो, ऐसे किसी व्यक्ति की, जिससे यह कारण बताने की अपेक्षा की गई है कि उसे परिशांति कायम रखने के लिए या सदाचार के लिए बंधपत्र निष्पादित करने का आदेश क्यों न दिया जाए, व्यक्तिगत हाजिरी से अभिमुक्ति दे सकेगा और उसे प्लीडर द्वारा…
पूरा पढ़ेंव्यक्तिगत उपस्थिति की आवश्यकता न होने देने का अधिकार।
यदि मजिस्ट्रेट को पर्याप्त कारण दिखाई दे, तो वह किसी ऐसे व्यक्ति की व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दे सकता है जिसे यह बताने के लिए बुलाया गया हो कि उसे शांति बनाए रखने या अच्छे व्यवहार के लिए बांड निष्पादित करने का आदेश क्यों नहीं दिया जाना चाहिए और उसे एक वकील के माध्यम से उपस्थित होने की अनुमति दे सकता है।
पूरा पढ़ें- CRPC §105CBNSS §115
धारा 105C. संपत्ति की कुर्की या समपहरण के आदेशों के संबंध में सहायता
संपत्ति की कुर्की या ज़ब्ती के आदेशों के संबंध में सहायता।
- CRPC §115BNSS §134
धारा 115. व्यक्तिगत हाजिरी से अभिमुक्ति देने की शक्ति
व्यक्तिगत उपस्थिति की आवश्यकता न होने देने का अधिकार।
