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2 प्रविष्टियाँ
प्रलोभन, धमकी, दबाव या वादे के कारण लिया गया इकबालिया बयान, जब आपराधिक कार्यवाही में अप्रासंगिक हो।
किसी आपराधिक कार्यवाही में किसी आरोपी व्यक्ति द्वारा दिया गया इकबालिया बयान अप्रासंगिक होता है, यदि न्यायालय को यह प्रतीत होता है कि इकबालिया बयान किसी प्राधिकारी व्यक्ति द्वारा आरोपी व्यक्ति के विरुद्ध लगाए गए आरोप के संबंध में किसी प्रलोभन, धमकी, दबाव या वादे के कारण दिया गया है, और न्यायालय की राय में, यह पर्याप्त…
पूरा पढ़ेंउत्पेरणा, धमकी या वचन से पैदा हुए मन पर प्रभाव के दूर हो जाने के पश्चात् की गई संस्वीकृति सुसंगत है
यदि ऐसी कोई संस्वीकृति, जैसी धारा २४ में निर्दिष्ट है, न्यायालय की राय में उसके मन पर प्रभाव के, जो ऐसी किसी उत्प्रेरणा, धमकी या वचन से कारित हुआ है, पूर्णत: दूर हो जाने के पश्चात् की गई है, तो वह सुसंगत है ।
पूरा पढ़ेंजहां आवश्यक हो, लेखा-पुस्तकों में प्रविष्टियाँ।
व्यवसाय के दौरान नियमित रूप से रखी जाने वाली लेखा-पुस्तकों में दर्ज प्रविष्टियाँ, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखी गई प्रविष्टियाँ भी शामिल हैं, तब प्रासंगिक होती हैं जब वे किसी ऐसे मामले से संबंधित हों जिसकी न्यायालय को जाँच करनी हो, लेकिन ऐसे विवरण अकेले किसी व्यक्ति पर दायित्व का आरोप लगाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं…
पूरा पढ़ेंलेखा पुस्तकों की प्रविष्टियां, जिनके अंतर्गत वे भी है, जो इलेक्ट्रॉनिक रुप में रखी गई हो, कब सुसंगत है
कारबार में अनुक्रम में नियमित रुप से रखी गई लेखा पुस्तकों की प्रविष्टियां, जिनके अंतर्गत वे भी है, जो इलेक्ट्रॉनिक रुप में रखी गई हो जब कभी वे ऐसे विषय का निर्देश करती है जिसमें न्यायालय को जाँच करनी है, सुसंगत है, किन्तु अकेले ऐसे कथन ही किसी व्यक्ति को दायित्त से भारित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं होंगे ।…
पूरा पढ़ें- BSA §22IEA §28
प्रलोभन, धमकी, दबाव या वादे के कारण लिया गया इकबालिया बयान, जब आपराधिक कार्यवाही में अप्रासंगिक हो।
उत्पेरणा, धमकी या वचन से पैदा हुए मन पर प्रभाव के दूर हो जाने के पश्चात् की गई संस्वीकृति सुसंगत है
- BSA §28IEA §34
जहां आवश्यक हो, लेखा-पुस्तकों में प्रविष्टियाँ।
लेखा पुस्तकों की प्रविष्टियां, जिनके अंतर्गत वे भी है, जो इलेक्ट्रॉनिक रुप में रखी गई हो, कब सुसंगत है
