बीएसए → आईईए
15 प्रविष्टियाँ
किसी साझा योजना के संदर्भ में षड्यंत्रकारियों द्वारा कही या की गई बातें।
जहां यह मानने का उचित आधार हो कि दो या दो से अधिक व्यक्तियों ने मिलकर कोई अपराध या दंडनीय अपराध करने की साजिश रची है, तो ऐसे व्यक्तियों में से किसी एक द्वारा उनके साझा इरादे के संदर्भ में कही गई, की गई या लिखी गई कोई भी बात, उस समय के बाद जब उनमें से किसी एक ने पहली बार ऐसा इरादा किया था, साजिश में शामिल माने जाने…
पूरा पढ़ेंसामान्य परिकल्पना के बारे में षडयंत्रकारी द्वारा कही या की गई बातें
जहाँ कि यह विश्वास करने का युक्तियुक्त आधार है कि दो या अधिक व्यक्तियों ने अपराद या अनुयोज्य (व्यवहार्य ) दोष करने के लिए मिलकर षडयंत्र किया है, वहाँ उनके सामान्य आशय के बारे में उनमें से किसी एक व्यक्ति द्वारा उस समय के पश्चात् जब ऐसा आशय उनमें से किसी एक ने प्रथम बार मन में धारण किया, कही गई कोई बात उन व्यक्तियों…
पूरा पढ़ेंक्षतिपूर्ति के मुकदमों में वे तथ्य प्रासंगिक होते हैं जो न्यायालय को क्षतिपूर्ति राशि निर्धारित करने में सक्षम बनाते हैं।
जिन मुकदमों में हर्जाने का दावा किया जाता है, उनमें कोई भी तथ्य जो न्यायालय को दिए जाने वाले हर्जाने की राशि निर्धारित करने में सक्षम बनाता है, प्रासंगिक होता है।
पूरा पढ़ेंनुकसानी के लिए वादों में रकम अवधारित करने के लिए न्यायालय को समर्थ करने की प्रवृत्ति रखने वाले तथ्य सुसंगत है
उन वादों में, जिनमें नुकसानी का दावा किया गया है, कोई भी तथ्य सुसंगत है जिससे न्यायालय नुकसानी की वह रकम अवधारित करने के लिए समर्थ हो जाए, जो अधिनिर्णीत (किया गया निर्णय ) की जानी चाहिए ।
पूरा पढ़ेंदो तथ्यों के समूहों में से किसी एक पर भाषा के प्रयोग के संबंध में साक्ष्य, जिनमें से किसी पर भी संपूर्ण रूप से यह लागू नहीं होता है।
जब प्रयुक्त भाषा आंशिक रूप से मौजूदा तथ्यों के एक समूह पर और आंशिक रूप से मौजूदा तथ्यों के दूसरे समूह पर लागू होती है, लेकिन पूरी तरह से दोनों में से किसी पर भी सही ढंग से लागू नहीं होती है, तो यह दिखाने के लिए साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकते हैं कि यह दोनों में से किस पर लागू होने के लिए थी। चित्रण A, B को "Y के कब्जे…
पूरा पढ़ेंतथ्यों के दो संवर्गों में से जिनमें से किसी एक को भी वह भाषा पूरी की पूरी ठिक-ठिक लागू नहीं होती, उसमें से एक को भाषा के लागू होने के बारे में साक्ष्य
जबकि प्रयुक्त भाषा भागत: विद्यमान तथ्यों के एक संवर्ग को और भागत: विद्यमान तथ्यों के अन्य सवंर्ग को लागू होती है, किन्तु वह पूरी की पूरी दोनों में से किसी एक को भी ठीक-ठीक लागू नहीं होती, तब यह दर्शित करने के लिए साक्ष्य दिया जा सकेगा कि वह दोनों में से किसको लागू होने के लिए अभिप्रेत थी । दृष्टांत : बी को मेरी एक्स…
पूरा पढ़ेंअस्पष्ट अक्षरों आदि के अर्थ के संबंध में साक्ष्य।
अस्पष्ट या सामान्यतः समझ में न आने वाले अक्षरों, विदेशी, अप्रचलित, तकनीकी, स्थानीय और क्षेत्रीय अभिव्यक्तियों, संक्षिप्ताक्षरों और विशिष्ट अर्थ में प्रयुक्त शब्दों के अर्थ को दर्शाने के लिए साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकते हैं। चित्रण। एक मूर्तिकार, A, B को अपने सभी मॉड्स बेचने के लिए सहमत हो जाता है। A के पास मॉडल और…
पूरा पढ़ेंन पढी जा सकने वाली लिपि आदि के अर्थ के बारे में साक्ष्य
ऐसी लिपि का, जो पढी न जा सके या सामान्यत: समझी न जाती हो, विदेशी, अप्रचलित, पारिभाषिक, स्थानिक और प्रांतीय शब्द प्रयोगों का, संक्षेपाक्षरों का और विशिष्ट भाव में प्रयुक्त शब्दों का अर्थ दर्शित करने के लिए साक्ष्य दिया जा सकेगा । दृष्टांत : एक मुर्तिकार, ऐ मेरी सभी प्रतिमाएँ बी को बेचने का करार करता है । ऐ के पार…
पूरा पढ़ेंकौन इस बात का सबूत दे सकता है कि समझौते में दस्तावेज़ की शर्तों में बदलाव किया गया है।
जो व्यक्ति किसी दस्तावेज़ के पक्षकार नहीं हैं, या उनके हितधारक प्रतिनिधि, ऐसे किसी भी तथ्य के साक्ष्य दे सकते हैं जो दस्तावेज़ की शर्तों में परिवर्तन करने वाले समकालीन समझौते को दर्शाने की प्रवृत्ति रखते हों। चित्रण। A और B के बीच लिखित अनुबंध होता है कि B, A को एक निश्चित मात्रा में कपास बेचेगा, जिसका भुगतान डिलीवरी…
पूरा पढ़ेंदस्तावेज के निबंधनों में फेरफार करने वाले करार का साक्ष्य कौन ले सकेगा
वे व्यक्ति जो किसी दस्तावेज के पक्षकार या उनके हित प्रतिनिधि नहीं है, ऐसे किन्हीं भी तथ्यों का साक्ष्य दे सकेंगे, जो दस्तावेज के निबंधनों ेमं फेरफार करने वाले किसी समकालीन करार को दर्शित करने की प्रवृत्ति रखते हों । दृष्टांत : ऐ और बी लिखित संविदा करते है कि ऐ को कुछ कपास बी बेचेगा जिसके लिए संदाय कपास के परिदान किए…
पूरा पढ़ेंवसीयत से संबंधित भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम के प्रावधानों का संरक्षण।
इस अध्याय में किसी भी बात को वसीयत की व्याख्या के संबंध में भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 (39 ऑफ 1925) के किसी भी प्रावधान को प्रभावित करने वाला नहीं माना जाएगा।
पूरा पढ़ेंभारतीय उत्तराधिकार अधिनियम के विल संबंधी उपबंधों की व्यावृत्ति
इस अध्याय की कोई भी बात विल का अर्थ लगाने के बारे में भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम (१८६५ का १०) के किन्हीं भी उपबंधों पर प्रभाव डालने वाली नहीं समझी जाएगी ।
पूरा पढ़ेंसबूत का बोझ।
जो कोई भी किसी न्यायालय से किसी कानूनी अधिकार या दायित्व के संबंध में निर्णय चाहता है जो उसके द्वारा बताए गए तथ्यों के अस्तित्व पर निर्भर करता है, उसे यह साबित करना होगा कि वे तथ्य मौजूद हैं, और जब किसी व्यक्ति को किसी तथ्य के अस्तित्व को साबित करना होता है, तो कहा जाता है कि सबूत का बोझ उस व्यक्ति पर है। चित्र। (क) ए…
पूरा पढ़ेंसबूत का भार
जो कोई न्यायालय से यह चाहता है कि वह ऐसे किसी विधिक अधिकार या दायित्व के बारे में निर्णय दे जो उन तथ्यों के अस्तित्व पर निर्भर है, जिन्हें वह प्राख्यात करता है, उसे साबित करना होगा कि उन तथ्यों का अस्तित्व है । जब कोई व्यक्ति किसी तथ्य का अस्तित्व साबित करने के लिए आबद्ध है, तब यह कहा जाता है कि उस व्यकि पर सबूत का…
पूरा पढ़ेंसबूत पेश करने का भार किस पर है?
किसी मुकदमे या कार्यवाही में सबूत पेश करने का भार उस व्यक्ति पर होता है जो दोनों पक्षों की ओर से कोई भी सबूत न दिए जाने की स्थिति में असफल हो जाएगा। चित्र। (क) ए, बी पर उस भूमि के लिए मुकदमा करता है जिस पर बी का कब्ज़ा है, और जो, जैसा कि ए का दावा है, उसके पिता सी की वसीयत द्वारा ए को दी गई थी। यदि दोनों पक्षों की ओर…
पूरा पढ़ेंसबूत का भार किस पर होता है
किसी वाद या कार्यवाही में सबूत का भार उस व्यक्ति पर होता है जो असफल हो जाएगा, यदि दोनों में से किसी भी ओर से कोई भी साक्ष्य न दिया जाए । दृष्टांत : क)बी पर उस भूमि के लिए ऐ वाद लाता है जो बी के कब्जे में है और जिसके बारे में ऐ प्राख्यान करता है कि वह बी के पिता सी की विल द्वारा ऐ के लिए दी गई थी । यदि किसी भी ओर से…
पूरा पढ़ेंकिसी विशिष्ट तथ्य के संबंध में साक्ष्य का भार।
किसी विशेष तथ्य के अस्तित्व को साबित करने का भार उस व्यक्ति पर होता है जो न्यायालय को उस तथ्य के अस्तित्व में विश्वास दिलाना चाहता है, जब तक कि किसी कानून द्वारा यह निर्धारित न किया गया हो कि उस तथ्य को साबित करने का भार किसी विशेष व्यक्ति पर होगा। चित्रण। A, B पर चोरी का मुकदमा चला रहा है और चाहता है कि न्यायालय यह…
पूरा पढ़ेंविशिष्ट तथ्य के बारे में सबूत का भार
किसी विशिष्ट तथ्य के सबूत का भार उस व्यक्ति पर होता है जो न्यायालय से यह चाहता है कि उसके अस्तित्व में विश्वास करे, जब तक कि किसी विधि द्वारा यह उपबंधित न हो कि उस तथ्य के सबूत का भार किसी विशिष्ट व्यक्ति पर होगा । दृष्टांत : क)बी को ऐ चोरी के लिए अभियोजित करता है और न्यायालय से यह चाहता है कि न्यायालय यह विश्वास करे…
पूरा पढ़ेंकिसी तथ्य को साबित करने का भार साक्ष्य को स्वीकार्य बनाने के लिए आवश्यक होता है।
किसी भी तथ्य के संबंध में साक्ष्य देने के लिए आवश्यक किसी भी तथ्य को साबित करने का भार उस व्यक्ति पर होता है जो ऐसा साक्ष्य देना चाहता है। चित्र। (a) A, B द्वारा दिए गए मृत्यु पूर्व बयान को साबित करना चाहता है। A को B की मृत्यु साबित करनी होगी। (ख) ए किसी खोए हुए दस्तावेज़ की विषयवस्तु को द्वितीयक साक्ष्य द्वारा सिद्ध…
पूरा पढ़ेंसाक्ष्य को ग्राह्य बनाने के लिए जो तथ्य साबित किया जाना हो, उसे साबित करने का भार
ऐसे तथ्य को साबित करने का भार जिसका साबित किया जाना किसी व्यक्ति को किसी अन्य तथ्य का साक्ष्य देने को समर्थ करने के लिए आवश्यक है, उस व्यक्ति पर है जो ऐसा साक्ष्य देना चाहता है । दृष्टांत : क)बी द्वारा किए मृत्युकालिक कथन को ऐ साबित करना चाहता है । ऐ को बी की मृत्यु साबित करनी होगी । ख)ऐ किसी खोई हुई दस्तावेज की…
पूरा पढ़ेंअभियुक्त के मामले को अपवादों के अंतर्गत साबित करने का भार।
जब किसी व्यक्ति पर किसी अपराध का आरोप लगाया जाता है, तो यह साबित करने का भार उस व्यक्ति पर होता है कि मामला भारतीय न्याय संहिता, 2023 में दिए गए किसी सामान्य अपवाद या उक्त संहिता के किसी अन्य भाग में निहित किसी विशेष अपवाद या प्रावधान या अपराध को परिभाषित करने वाले किसी कानून के अंतर्गत आता है, और न्यायालय ऐसी…
पूरा पढ़ेंयह साबित करने का भार कि अभियुक्त का मामला अपवादों के अन्तर्गत आता है
जबकि कोई व्यक्ति किसी अपराध का अभियुक्त है, तब उन परिस्थितियों के अस्तित्व को साबित करने का भार, जो उस मामले को भारतीय दण्ड संहिता,१८६० (१८६० का ४५) के साधारण अपवादों ेमं से किसी के अन्तर्गत या उसी संहिता के किसी अन्य भाग में, या उस अपराध की परिभाषा करने वाली किसी विधि में, अन्तर्विष्ट किसी विशेष अपवाद या परन्तुक के…
पूरा पढ़ेंविशेषकर ज्ञान के क्षेत्र में तथ्यों को साबित करने का भार।
जब कोई तथ्य विशेष रूप से किसी व्यक्ति के ज्ञान में होता है, तो उस तथ्य को साबित करने का भार उसी व्यक्ति पर होता है। चित्र। (क) जब कोई व्यक्ति किसी कार्य को उस इरादे के अलावा किसी अन्य इरादे से करता है जो उस कार्य के चरित्र और परिस्थितियों से पता चलता है, तो उस इरादे को साबित करने का भार उसी पर होता है। (ख) ए पर बिना…
पूरा पढ़ेंविशेषत: ज्ञात तथ्य को साबित करने का भार
जबकि कोई तथ्य विशेषत: किसी व्यक्ति के ज्ञान में है, तब उस तथ्य को साबित करने का भार उस पर है । दृष्टांत : क)जबकि कोई व्यक्ति किसी कार्य को उस आशय से भिन्न किसी आशय से करता है, जिसे उस कार्य का स्वरुप और परिस्थितियाँ इंगित करती है, तब उस आशय को साबित करने का भार उस पर है । ख)ऐ पर रेल से बिना टिकट यात्रा करने का आरोप है…
पूरा पढ़ेंतीस वर्षों के भीतर जीवित रहे व्यक्ति की मृत्यु साबित करने का भार।
जब यह सवाल उठता है कि कोई व्यक्ति जीवित है या मृत, और यह साबित हो जाता है कि वह तीस वर्षों के भीतर जीवित था, तो उसके मृत होने का प्रमाण देने का भार उस व्यक्ति पर होता है जो यह दावा करता है।
पूरा पढ़ेंउस व्यक्ति की मृत्यु साबित करने का भार जिसका तीस वर्ष के भीतर जीवित होना ज्ञात है
जबकि प्रश्न यह है कि कोई मनुष्य जीवित है या मर गया है और यह दर्शित किया गया है कि वह तीस वर्ष के भीतर जीवित था, तब यह साबित करने का भार कि वह मर गया है उस व्यक्ति पर है , जो उसे प्रतिज्ञात (निश्चय पूर्वक या दृढता के साथ कहना ) करता है ।
पूरा पढ़ेंसात वर्षों से अप्रकाशित व्यक्ति के जीवित होने का प्रमाण देने का भार उसी पर है।
जब यह सवाल उठता है कि कोई व्यक्ति जीवित है या मृत, और यह साबित हो जाता है कि सात वर्षों से उन लोगों ने उसके बारे में कुछ नहीं सुना है जो स्वाभाविक रूप से उसके जीवित होने पर उसके बारे में सुनते, तो उसके जीवित होने का प्रमाण देने का भार उस व्यक्ति पर आ जाता है जो इसकी पुष्टि करता है।
पूरा पढ़ेंसात वर्षों से अप्रकाशित व्यक्ति के जीवित होने का प्रमाण देने का भार उसी पर है।
1. बशर्ते कि जब प्रश्न यह हो कि कोई व्यक्ति जीवित है या मृत, और यह सिद्ध हो जाए कि सात वर्षों से उसके बारे में उन लोगों द्वारा कोई खबर नहीं मिली है जो स्वाभाविक रूप से उसके जीवित होने पर उसके बारे में सुनते, तो उसके जीवित होने का प्रमाण देने का भार 2. उस व्यक्ति पर स्थानांतरित हो जाता है जो इसकी पुष्टि करता है।
पूरा पढ़ेंसाझेदारों, मकान मालिक और किरायेदार, तथा मालिक और एजेंट के मामलों में रिश्ते को साबित करने का भार।
जब यह प्रश्न उठता है कि क्या व्यक्ति साझेदार हैं, मकान मालिक और किरायेदार हैं, या मालिक और एजेंट हैं, और यह सिद्ध हो चुका है कि वे इसी रूप में कार्य कर रहे हैं, तो यह साबित करने का भार कि वे क्रमशः उन संबंधों में एक-दूसरे के साथ नहीं हैं, या समाप्त हो चुके हैं, उस व्यक्ति पर है जो इसकी पुष्टि करता है।
पूरा पढ़ेंभागीदारों , भू-स्वामी और अभिधारी, मालिक और अभिकर्ता के मामलों में सबूत का भार
जबकि प्रश्न यह है कि क्या कोई व्यक्ति भागिदार, भू-स्वामी और अभिधारी या मालिक और अभिकर्ता है, और यह दर्शित कर दिया गया है कि वे इस रुप में कार्य करते रहे है, तब यह साबित करने का भार कि क्रमश: इस संबंधों में वे परस्पर अवस्थित (स्थित नहीं ) नहीं है या अवस्थित होने से परिविरत (स्थित होना समाप्त) हो चुके है, उस व्यक्ती पर…
पूरा पढ़ें- BSA §8IEA §10
किसी साझा योजना के संदर्भ में षड्यंत्रकारियों द्वारा कही या की गई बातें।
सामान्य परिकल्पना के बारे में षडयंत्रकारी द्वारा कही या की गई बातें
- BSA §10IEA §12
क्षतिपूर्ति के मुकदमों में वे तथ्य प्रासंगिक होते हैं जो न्यायालय को क्षतिपूर्ति राशि निर्धारित करने में सक्षम बनाते हैं।
नुकसानी के लिए वादों में रकम अवधारित करने के लिए न्यायालय को समर्थ करने की प्रवृत्ति रखने वाले तथ्य सुसंगत है
- BSA §100IEA §97
दो तथ्यों के समूहों में से किसी एक पर भाषा के प्रयोग के संबंध में साक्ष्य, जिनमें से किसी पर भी संपूर्ण रूप से यह लागू नहीं होता है।
तथ्यों के दो संवर्गों में से जिनमें से किसी एक को भी वह भाषा पूरी की पूरी ठिक-ठिक लागू नहीं होती, उसमें से एक को भाषा के लागू होने के बारे में साक्ष्य
- BSA §101IEA §98बदलाव हुआ
अस्पष्ट अक्षरों आदि के अर्थ के संबंध में साक्ष्य।
न पढी जा सकने वाली लिपि आदि के अर्थ के बारे में साक्ष्य
- BSA §102IEA §99
कौन इस बात का सबूत दे सकता है कि समझौते में दस्तावेज़ की शर्तों में बदलाव किया गया है।
दस्तावेज के निबंधनों में फेरफार करने वाले करार का साक्ष्य कौन ले सकेगा
- BSA §103IEA §100
वसीयत से संबंधित भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम के प्रावधानों का संरक्षण।
भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम के विल संबंधी उपबंधों की व्यावृत्ति
- BSA §104IEA §101
सबूत का बोझ।
सबूत का भार
- BSA §105IEA §102
सबूत पेश करने का भार किस पर है?
सबूत का भार किस पर होता है
- BSA §106IEA §103
किसी विशिष्ट तथ्य के संबंध में साक्ष्य का भार।
विशिष्ट तथ्य के बारे में सबूत का भार
- BSA §107IEA §104
किसी तथ्य को साबित करने का भार साक्ष्य को स्वीकार्य बनाने के लिए आवश्यक होता है।
साक्ष्य को ग्राह्य बनाने के लिए जो तथ्य साबित किया जाना हो, उसे साबित करने का भार
- BSA §108IEA §105
अभियुक्त के मामले को अपवादों के अंतर्गत साबित करने का भार।
यह साबित करने का भार कि अभियुक्त का मामला अपवादों के अन्तर्गत आता है
- BSA §109IEA §106
विशेषकर ज्ञान के क्षेत्र में तथ्यों को साबित करने का भार।
विशेषत: ज्ञात तथ्य को साबित करने का भार
- BSA §110IEA §107
तीस वर्षों के भीतर जीवित रहे व्यक्ति की मृत्यु साबित करने का भार।
उस व्यक्ति की मृत्यु साबित करने का भार जिसका तीस वर्ष के भीतर जीवित होना ज्ञात है
- BSA §111IEA §108
सात वर्षों से अप्रकाशित व्यक्ति के जीवित होने का प्रमाण देने का भार उसी पर है।
- BSA §112IEA §109
साझेदारों, मकान मालिक और किरायेदार, तथा मालिक और एजेंट के मामलों में रिश्ते को साबित करने का भार।
भागीदारों , भू-स्वामी और अभिधारी, मालिक और अभिकर्ता के मामलों में सबूत का भार
