बीएनएसएस → सीआरपीसी
2 प्रविष्टियाँ
एक साथ विचारणीय अपराधों के लिए मुकदमे का स्थान।
कहाँ- (क) किसी व्यक्ति द्वारा किए गए अपराध ऐसे हैं कि धारा 242, धारा 243 या धारा 244 के प्रावधानों के आधार पर ऐसे प्रत्येक अपराध के लिए उस पर एक ही बार मुकदमा चलाया जा सकता है; या (ख) अनेक व्यक्तियों द्वारा किए गए अपराध ऐसे हैं कि धारा 246 के प्रावधानों के अनुसार उन पर एक साथ आरोप लगाया जा सकता है और मुकदमा चलाया जा…
पूरा पढ़ेंधारा 184. एक साथ विचारणीय अपराधों के लिए विचारण का स्थान
184. एक साथ विचारणीय अपराधों के लिए विचारण का स्थान जहां— (क) किसी व्यक्ति द्वारा किए गए अपराध ऐसे हैं कि धारा 219, धारा 220 या धारा 221 के उपबंधों के आधार पर उस पर ऐसे हर अपराध का आरोप लगाया जा सकता है और एक ही विचारण में उनका विचारण किया जा सकता है, अथवा (ख) कई व्यक्तियों द्वारा किए गए अपराध या अपराध ऐसे हैं कि धारा…
पूरा पढ़ेंप्रक्रिया का मुद्दा।
(1) यदि किसी अपराध का संज्ञान लेने वाले मजिस्ट्रेट की राय में कार्यवाही करने के लिए पर्याप्त आधार हो, और मामला इस प्रकार प्रतीत हो— (क) समन मामले में, वह अभियुक्त को उसकी उपस्थिति के लिए समन जारी करेगा; या (ख) वारंट के मामले में, वह वारंट जारी कर सकता है, या यदि वह उचित समझे तो समन जारी कर सकता है, ताकि अभियुक्त को…
पूरा पढ़ेंधारा 204. आदेशिका का जारी किया जाना
204. आदेशिका का जारी किया जाना (1) यदि अपराध का संज्ञान करने वाले मजिस्ट्रेट की यह राय है कि कार्यवाही करने के लिए पर्याप्त आधार है और मामला— (क) समन-मामला प्रतीत होता है, तो वह अभियुक्त की हाजिरी के लिए अपना समन जारी करेगा; अथवा (ख) वारंट-मामला प्रतीत होता है, तो वह अभियुक्त को ऐसे मजिस्ट्रेट के समक्ष या (यदि उसे…
पूरा पढ़ें- BNSS §204CRPC §184
एक साथ विचारणीय अपराधों के लिए मुकदमे का स्थान।
धारा 184. एक साथ विचारणीय अपराधों के लिए विचारण का स्थान
- BNSS §227CRPC §204बदलाव हुआ
प्रक्रिया का मुद्दा।
धारा 204. आदेशिका का जारी किया जाना
