बीएनएस → आईपीसी
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शरीर और संपत्ति की निजी रक्षा का अधिकार।
धारा 37 में निहित प्रतिबंधों के अधीन रहते हुए, प्रत्येक व्यक्ति को बचाव का अधिकार है। (क) अपने शरीर और किसी अन्य व्यक्ति के शरीर को मानव शरीर को प्रभावित करने वाले किसी भी अपराध के विरुद्ध; (ख) स्वयं की या किसी अन्य व्यक्ति की चल या अचल संपत्ति के विरुद्ध, किसी ऐसे कृत्य के विरुद्ध जो चोरी, डकैती, उपद्रव या आपराधिक…
पूरा पढ़ेंधारा 97 - शरीर तथा संपत्ति की प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार
शरीर तथा संपत्ति की प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार धारा 99 में अंतर्विष्ट निर्बंधनों के अध्यधीन, हर व्यक्ति को अधिकार है कि, वह - पहला - मानव शरीर पर प्रभाव डालने वाले किसी अपराध के विरुद्ध अपने शरीर और किसी अन्य व्यक्ति के शरीर की प्रतिरक्षा करे ; दूसरा - किसी ऐसे कार्य के विरुद्ध, जो चोरी, लूट, रिष्टि या आप्राधिक…
पूरा पढ़ेंदस वर्ष से कम आयु के बच्चे का अपहरण करना या उसे अगवा करना, ताकि उससे चोरी की जा सके।
जो कोई भी दस वर्ष से कम आयु के किसी बच्चे का अपहरण करता है या उसे अगवा करता है, इस इरादे से कि उस बच्चे से बेईमानी से कोई चल संपत्ति ले ली जाए, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा जिसकी अवधि सात वर्ष तक बढ़ सकती है, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
पूरा पढ़ेंधारा 369 - दस वर्ष से कम आयु के शिशु के शरीर पर से चोरी करने के आशय से उसका व्यपहरण या अपहरण
दस वर्ष से कम आयु के शिशु के शरीर पर से चोरी करने के आशय से उसका व्यपहरण या अपहरण जो कोई दस वर्ष से कम आयु के किसी शिशु का इस आशय से व्यवहरण या अपहरण करेगा कि ऐसे शिशु के शरीर पर से कोई जंगम संम्पत्ति बेईमानी से ले ले, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और…
पूरा पढ़ें- BNS §35IPC §97
शरीर और संपत्ति की निजी रक्षा का अधिकार।
धारा 97 - शरीर तथा संपत्ति की प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार
- BNS §97IPC §369
दस वर्ष से कम आयु के बच्चे का अपहरण करना या उसे अगवा करना, ताकि उससे चोरी की जा सके।
धारा 369 - दस वर्ष से कम आयु के शिशु के शरीर पर से चोरी करने के आशय से उसका व्यपहरण या अपहरण
