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सात वर्ष से कम आयु के बच्चे का कृत्य।
सात वर्ष से कम आयु के बच्चे द्वारा किया गया कोई भी कार्य अपराध नहीं है।
पूरा पढ़ेंधारा 82 - सात वर्ष से कम आयु के शिशु का कार्य
सात वर्ष से कम आयु के शिशु का कार्य कोई बात अपराध नहीं है, जो सात वर्ष से कम आयु के शिशु द्वारा की जाती है ।
पूरा पढ़ेंपति या पत्नी के जीवित रहते हुए दोबारा शादी करना।
(1) जो कोई भी, पति या पत्नी के जीवित रहते हुए, किसी ऐसे मामले में विवाह करता है जिसमें ऐसा विवाह पति या पत्नी के जीवित रहते हुए होने के कारण अमान्य है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से सात वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी हकदार होगा। अपवाद। ---यह उपधारा ऐसे किसी व्यक्ति पर लागू नहीं होती…
पूरा पढ़ेंपति या पत्नी के जीवित रहते हुए दोबारा शादी करना।
जो कोई भी, जिसके पति या पत्नी जीवित हों, ऐसे किसी मामले में विवाह करता है जिसमें ऐसा विवाह पति या पत्नी के जीवित रहते हुए होने के कारण अमान्य है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से सात वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी हकदार होगा। अपवाद. —यह धारा ऐसे किसी व्यक्ति पर लागू नहीं होती जिसका विवाह…
पूरा पढ़ेंपति या पत्नी के जीवित रहते हुए दोबारा शादी करना।
(1) जो कोई भी, पति या पत्नी के जीवित रहते हुए, किसी ऐसे मामले में विवाह करता है जिसमें ऐसा विवाह पति या पत्नी के जीवित रहते हुए होने के कारण अमान्य है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से सात वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी हकदार होगा। अपवाद। ---यह उपधारा ऐसे किसी व्यक्ति पर लागू नहीं होती…
पूरा पढ़ेंपति या पत्नी के जीवित रहते हुए दोबारा शादी करना।
जो कोई भी, जिसके पति या पत्नी जीवित हों, ऐसे किसी मामले में विवाह करता है जिसमें ऐसा विवाह पति या पत्नी के जीवित रहते हुए होने के कारण अमान्य है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से सात वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी हकदार होगा। अपवाद. —यह धारा ऐसे किसी व्यक्ति पर लागू नहीं होती जिसका विवाह…
पूरा पढ़ेंपति या पत्नी के जीवित रहते हुए दोबारा शादी करना।
(1) जो कोई भी, पति या पत्नी के जीवित रहते हुए, किसी ऐसे मामले में विवाह करता है जिसमें ऐसा विवाह पति या पत्नी के जीवित रहते हुए होने के कारण अमान्य है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से सात वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी हकदार होगा। अपवाद। ---यह उपधारा ऐसे किसी व्यक्ति पर लागू नहीं होती…
पूरा पढ़ेंधारा 495 - वही अपराध पूर्ववर्ती विवाह को उस व्यक्ति से छिपाकर जिसके साथ पश्चात्वर्ती विवाह किया जाता है
वही अपराध पूर्ववर्ती विवाह को उस व्यक्ति से छिपाकर जिसके साथ पश्चात्वर्ती विवाह किया जाता है जो कोई पूर्ववर्ती अंतिम धारा में परिभाषित अपराध अपने पूर्व विवाह की बात उस व्यक्ति से छिपाकर करेगा जिससे पश्चात्वर्ती विवाह किया जाए, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया…
पूरा पढ़ें- BNS §20IPC §82
सात वर्ष से कम आयु के बच्चे का कृत्य।
धारा 82 - सात वर्ष से कम आयु के शिशु का कार्य
- BNS §82IPC §494बदलाव हुआ
पति या पत्नी के जीवित रहते हुए दोबारा शादी करना।
- BNS §82(1)IPC §494
पति या पत्नी के जीवित रहते हुए दोबारा शादी करना।
- BNS §82(2)IPC §495
पति या पत्नी के जीवित रहते हुए दोबारा शादी करना।
धारा 495 - वही अपराध पूर्ववर्ती विवाह को उस व्यक्ति से छिपाकर जिसके साथ पश्चात्वर्ती विवाह किया जाता है
