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14 प्रविष्टियाँ
परिभाषाएँ।
इस संहिता में, जब तक संदर्भ अन्यथा अपेक्षित न हो,--- (1) "कार्य" से तात्पर्य कार्यों की श्रृंखला के साथ-साथ एक एकल कार्य से भी है; (2) "पशु" से तात्पर्य मनुष्य के अलावा किसी भी जीवित प्राणी से है; (3) "बाल" से तात्पर्य अठारह वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति से है; (4) "नकली".---वह व्यक्ति "नकली" कहलाता है जो किसी…
पूरा पढ़ेंधारा 39 - “स्वेच्छया”
“स्वेच्छया” कोई व्यक्ति किसी परिणाम को “स्वेच्छया” कारित करता है, यह तब कहा जाता है, जब वह उसे उन साधनों द्वारा कारित करता है, जिनके द्वारा उसे कारित करना उसका आशय था या उन साधनों द्वारा कारित करता है जिन साधनों को काम में लाते समय वह यह जानता था, या यह विश्वास करने का कारण रखता था कि उनसे उसका कारित होना संभाव्य है ।…
पूरा पढ़ेंजब ऐसा अधिकार मृत्यु के अलावा किसी अन्य प्रकार की हानि पहुंचाने तक विस्तारित होता है।
यदि अपराध धारा 38 में निर्दिष्ट किसी भी प्रकार का न हो, तो शरीर की आत्मरक्षा का अधिकार हमलावर को स्वेच्छा से मृत्यु देने तक विस्तारित नहीं होता है, लेकिन धारा 37 में निर्दिष्ट प्रतिबंधों के अधीन, हमलावर को मृत्यु के अलावा किसी अन्य प्रकार की हानि पहुँचाने तक विस्तारित होता है।
पूरा पढ़ेंधारा 101 - कब ऐसे अधिकार का विस्तार मृत्यु से भिन्न कोई अपहानि कारित करने तक का होता है
कब ऐसे अधिकार का विस्तार मृत्यु से भिन्न कोई अपहानि कारित करने तक का होता है यदि अपराध पूर्वगामी अंतिम धारा में प्रगणित भांतियों में से किसी भांति का नहीं है, तो शरीर की प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का विस्तार हमलावर की मृत्यु स्वेच्छाया कारित करने तक का नहीं होता, किंतु इस अधिकार का विस्तार धारा 99 में वर्णित…
पूरा पढ़ेंडकैती।
(1) सभी डकैती में या तो चोरी होती है या जबरन वसूली। (2) चोरी डकैती है यदि, चोरी करने के उद्देश्य से, या चोरी करते समय, या चोरी से प्राप्त संपत्ति को ले जाने या ले जाने का प्रयास करते समय, अपराधी उस उद्देश्य से स्वेच्छा से किसी व्यक्ति को मृत्यु या चोट या गलत तरीके से रोकना, या तत्काल मृत्यु या तत्काल चोट या तत्काल गलत…
पूरा पढ़ेंधारा 390 - लूट
लूट सब प्रकार की लूट में या तो चोरी या उद्दापन होता है । चोरी कब लूट है - चोरी “लूट” है, यदि उस चोरी को करने के लिए, या उस चोरी के करने में या उस चोरी द्वारा अभिप्राप्त सम्पत्ति को ले जाने या ले जाने का प्रयत्न करने में, अपराधी उस उद्देश्य से स्वेच्छया किसी व्यक्ति की मॄत्यु, या उपहति या उसका सदोष अवरोध या तत्काल…
पूरा पढ़ेंडकैती।
(1) सभी डकैती में या तो चोरी होती है या जबरन वसूली। (2) चोरी डकैती है यदि, चोरी करने के उद्देश्य से, या चोरी करते समय, या चोरी से प्राप्त संपत्ति को ले जाने या ले जाने का प्रयास करते समय, अपराधी उस उद्देश्य से स्वेच्छा से किसी व्यक्ति को मृत्यु या चोट या गलत तरीके से रोकना, या तत्काल मृत्यु या तत्काल चोट या तत्काल गलत…
पूरा पढ़ेंधारा 390 - लूट
लूट सब प्रकार की लूट में या तो चोरी या उद्दापन होता है । चोरी कब लूट है - चोरी “लूट” है, यदि उस चोरी को करने के लिए, या उस चोरी के करने में या उस चोरी द्वारा अभिप्राप्त सम्पत्ति को ले जाने या ले जाने का प्रयत्न करने में, अपराधी उस उद्देश्य से स्वेच्छया किसी व्यक्ति की मॄत्यु, या उपहति या उसका सदोष अवरोध या तत्काल…
पूरा पढ़ेंडकैती।
(1) सभी डकैती में या तो चोरी होती है या जबरन वसूली। (2) चोरी डकैती है यदि, चोरी करने के उद्देश्य से, या चोरी करते समय, या चोरी से प्राप्त संपत्ति को ले जाने या ले जाने का प्रयास करते समय, अपराधी उस उद्देश्य से स्वेच्छा से किसी व्यक्ति को मृत्यु या चोट या गलत तरीके से रोकना, या तत्काल मृत्यु या तत्काल चोट या तत्काल गलत…
पूरा पढ़ेंधारा 392 - लूट के लिए दण्ड
लूट के लिए दण्ड जो कोई लूट करेगा, वह कठिन कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा, और यदि लूट राजमार्ग पर सूर्यास्त और सूर्योदय के बीच की जाए, तो कारावास चौदह वर्ष तक का हो सकेगा ।
पूरा पढ़ेंडकैती।
(1) सभी डकैती में या तो चोरी होती है या जबरन वसूली। (2) चोरी डकैती है यदि, चोरी करने के उद्देश्य से, या चोरी करते समय, या चोरी से प्राप्त संपत्ति को ले जाने या ले जाने का प्रयास करते समय, अपराधी उस उद्देश्य से स्वेच्छा से किसी व्यक्ति को मृत्यु या चोट या गलत तरीके से रोकना, या तत्काल मृत्यु या तत्काल चोट या तत्काल गलत…
पूरा पढ़ेंधारा 393 - लूट करने का प्रयत्न
लूट करने का प्रयत्न जो कोई लूट करने का प्रयत्न करेगा, वह कठिन कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ।
पूरा पढ़ेंडकैती।
(1) सभी डकैती में या तो चोरी होती है या जबरन वसूली। (2) चोरी डकैती है यदि, चोरी करने के उद्देश्य से, या चोरी करते समय, या चोरी से प्राप्त संपत्ति को ले जाने या ले जाने का प्रयास करते समय, अपराधी उस उद्देश्य से स्वेच्छा से किसी व्यक्ति को मृत्यु या चोट या गलत तरीके से रोकना, या तत्काल मृत्यु या तत्काल चोट या तत्काल गलत…
पूरा पढ़ेंधारा 394 - लूट करने में स्वेच्छया उपहति कारित करना
लूट करने में स्वेच्छया उपहति कारित करना यदि कोई व्यक्ति लूट करने में या लूट का प्रयत्न करने में स्वेच्छया उपहति कारित करेगा, तो ऐसा व्यक्ति और जो कोई अन्य व्यक्ति ऐसी लूट करने में, या लूट का प्रयत्न करने में संयुक्त तौर पर संपॄक्त होगा, वह आजीवन कारावास से या कठिन कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित…
पूरा पढ़ेंडकैती।
(1) जब पाँच या दो से अधिक व्यक्ति संयुक्त रूप से डकैती करते हैं या डकैती करने का प्रयास करते हैं, या जहाँ संयुक्त रूप से डकैती करने या डकैती करने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या, और ऐसे कृत्य या प्रयास में उपस्थित और सहायता करने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या पाँच या दो से अधिक हो, तो ऐसा करने, प्रयास करने…
पूरा पढ़ेंधारा 391 - डकैती
डकैती जबकि पांच या अधिक व्यक्ति संयुक्त होकर लूट करते हैं या करने का प्रयत्न करते हैं या जहां कि वे व्यक्ति, जो संयुक्त होकर लूट करते हैं या करने का प्रयत्न करते हैं और वे व्यक्ति जो उपस्थित हैं और ऐसे लूट के किए जाने या ऐसे प्रयत्न में मदद करते हैं, कुल मिलाकर पांच या अधिक हैं, तब हर व्यक्ति जो इस प्रकार लूट करता है,…
पूरा पढ़ेंडकैती।
(1) जब पाँच या दो से अधिक व्यक्ति संयुक्त रूप से डकैती करते हैं या डकैती करने का प्रयास करते हैं, या जहाँ संयुक्त रूप से डकैती करने या डकैती करने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या, और ऐसे कृत्य या प्रयास में उपस्थित और सहायता करने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या पाँच या दो से अधिक हो, तो ऐसा करने, प्रयास करने…
पूरा पढ़ेंधारा 391 - डकैती
डकैती जबकि पांच या अधिक व्यक्ति संयुक्त होकर लूट करते हैं या करने का प्रयत्न करते हैं या जहां कि वे व्यक्ति, जो संयुक्त होकर लूट करते हैं या करने का प्रयत्न करते हैं और वे व्यक्ति जो उपस्थित हैं और ऐसे लूट के किए जाने या ऐसे प्रयत्न में मदद करते हैं, कुल मिलाकर पांच या अधिक हैं, तब हर व्यक्ति जो इस प्रकार लूट करता है,…
पूरा पढ़ेंडकैती।
(1) जब पाँच या दो से अधिक व्यक्ति संयुक्त रूप से डकैती करते हैं या डकैती करने का प्रयास करते हैं, या जहाँ संयुक्त रूप से डकैती करने या डकैती करने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या, और ऐसे कृत्य या प्रयास में उपस्थित और सहायता करने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या पाँच या दो से अधिक हो, तो ऐसा करने, प्रयास करने…
पूरा पढ़ेंडकैती के लिए सजा।
जो कोई भी डकैती करेगा उसे 1 [आजीवन कारावास] या दस वर्ष तक की कठोर कारावास की सजा दी जाएगी और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
पूरा पढ़ेंडकैती।
(1) जब पाँच या दो से अधिक व्यक्ति संयुक्त रूप से डकैती करते हैं या डकैती करने का प्रयास करते हैं, या जहाँ संयुक्त रूप से डकैती करने या डकैती करने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या, और ऐसे कृत्य या प्रयास में उपस्थित और सहायता करने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या पाँच या दो से अधिक हो, तो ऐसा करने, प्रयास करने…
पूरा पढ़ेंहत्या सहित डकैती।
यदि पाँच या दो से अधिक व्यक्तियों में से कोई एक व्यक्ति, जो संयुक्त रूप से डकैती कर रहे हैं, डकैती करते समय हत्या कर देता है, तो उन सभी व्यक्तियों को मृत्युदंड, या 1 [आजीवन कारावास], या दस वर्ष तक की कठोर कारावास की सजा दी जाएगी, और उन पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
पूरा पढ़ेंडकैती।
(1) जब पाँच या दो से अधिक व्यक्ति संयुक्त रूप से डकैती करते हैं या डकैती करने का प्रयास करते हैं, या जहाँ संयुक्त रूप से डकैती करने या डकैती करने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या, और ऐसे कृत्य या प्रयास में उपस्थित और सहायता करने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या पाँच या दो से अधिक हो, तो ऐसा करने, प्रयास करने…
पूरा पढ़ेंधारा 399 - डकैती करने के लिए तैयारी करना
डकैती करने के लिए तैयारी करना जो कोई डकैती करने के लिए कोई तैयारी करेगा, वह कठिन कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा, और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ।
पूरा पढ़ेंहत्या या गंभीर चोट पहुंचाने के प्रयास के साथ डकैती या लूटपाट।
यदि कोई अपराधी डकैती या लूटपाट करते समय किसी घातक हथियार का प्रयोग करता है, या किसी व्यक्ति को गंभीर चोट पहुंचाता है, या किसी व्यक्ति की मृत्यु या गंभीर चोट पहुंचाने का प्रयास करता है, तो ऐसे अपराधी को दी जाने वाली कारावास की अवधि सात वर्ष से कम नहीं होगी।
पूरा पढ़ेंधारा 397 - मॄत्यु या घोर उपहति कारित करने के प्रयत्न के साथ लूट या डकैती
मॄत्यु या घोर उपहति कारित करने के प्रयत्न के साथ लूट या डकैती यदि लूट या डकैती करते समय अपराधी किसी घातक आयुध का उपयोग करेगा, या किसी व्यक्ति को घोर उपहति कारित करेगा, या किसी व्यक्ति की मॄत्यु कारित करने या उसे घोर उपहति कारित करने का प्रयत्न करेगा, तो वह कारावास, जिससे ऐसा अपराधी दण्डित किया जाएगा, सात वर्ष से कम का…
पूरा पढ़ेंघातक हथियार से लैस होकर डकैती या लूटपाट करने का प्रयास करना।
यदि डकैती या लूटपाट करने का प्रयास करते समय अपराधी किसी घातक हथियार से लैस हो, तो ऐसे अपराधी को दी जाने वाली कारावास की अवधि सात वर्ष से कम नहीं होगी।
पूरा पढ़ेंधारा 398 - घातक आयुध से सज्जित होकर लूट या डकैती करने का प्रयत्न
घातक आयुध से सज्जित होकर लूट या डकैती करने का प्रयत्न यदि लूट या डकैती करने का प्रयत्न करते समय, अपराधी किसी घातक आयुध से सज्जित होगा, तो वह कारावास, जिससे ऐसा अपराधी दण्डित किया जाएगा, सात वर्ष से कम का नहीं होगा ।
पूरा पढ़ें- BNS §2(33)IPC §39
परिभाषाएँ।
धारा 39 - “स्वेच्छया”
- BNS §39IPC §101
जब ऐसा अधिकार मृत्यु के अलावा किसी अन्य प्रकार की हानि पहुंचाने तक विस्तारित होता है।
धारा 101 - कब ऐसे अधिकार का विस्तार मृत्यु से भिन्न कोई अपहानि कारित करने तक का होता है
- BNS §309IPC §390बदलाव हुआ
डकैती।
धारा 390 - लूट
- BNS §309 (1)(2)(3)IPC §390
डकैती।
धारा 390 - लूट
- BNS §309 (4)IPC §392
डकैती।
धारा 392 - लूट के लिए दण्ड
- BNS §309(5)IPC §393
डकैती।
धारा 393 - लूट करने का प्रयत्न
- BNS §309(6)IPC §394
डकैती।
धारा 394 - लूट करने में स्वेच्छया उपहति कारित करना
- BNS §310IPC §391बदलाव हुआ
डकैती।
धारा 391 - डकैती
- BNS §310 (1)IPC §391
डकैती।
धारा 391 - डकैती
- BNS §310 (2)IPC §395
डकैती।
डकैती के लिए सजा।
- BNS §310 (3)IPC §396
डकैती।
हत्या सहित डकैती।
- BNS §310 (4)IPC §399
डकैती।
धारा 399 - डकैती करने के लिए तैयारी करना
- BNS §311IPC §397
हत्या या गंभीर चोट पहुंचाने के प्रयास के साथ डकैती या लूटपाट।
धारा 397 - मॄत्यु या घोर उपहति कारित करने के प्रयत्न के साथ लूट या डकैती
- BNS §312IPC §398
घातक हथियार से लैस होकर डकैती या लूटपाट करने का प्रयास करना।
धारा 398 - घातक आयुध से सज्जित होकर लूट या डकैती करने का प्रयत्न
