बीएनएस → आईपीसी
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गलत जानकारी देना।
जो कोई भी, किसी लोक सेवक को किसी विषय पर सूचना प्रदान करने के लिए विधिवत बाध्य होते हुए, उस विषय पर ऐसी सूचना को सत्य बताकर प्रस्तुत करता है जिसे वह जानता है या जिसके असत्य होने का उसे विश्वास करने का कारण है,— (क) उसे छह महीने तक की साधारण कारावास की सजा, या पांच हजार रुपये तक के जुर्माने की सजा, या दोनों से दंडित…
पूरा पढ़ेंधारा 177 - मिथ्या इत्तिला देना
मिथ्या इत्तिला देना जो कोई किसी लोक सेवक को, ऐसे लोक सेवक के नाते, किसी विषय पर इत्तिला देने के लिए वैध रूप से आबद्ध होते हुए, उस विषय पर ऐसी इत्तिला सच्ची के रूप में देगा, जिसका मिथ्या होना वह जानता है या जिसके मिथ्या होने का विश्वास करने का कारण रखता है, वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या…
पूरा पढ़ेंधारा 249. अपराधी को संश्रय देना ।
249. जब कोई अपराध किया जा चुका हो, तब जो कोई किसी ऐसे व्यक्ति को, जिसके बारे में वह जानता हो या विश्वास करने का कारण रखता हो कि वह अपराधी है, वैध दंड से प्रतिच्छादित करने के आशय से संश्रय देगा या छिपाएगा-- (क) यदि वह अपराध मृत्यु से दंडनीय हो तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि पांच वर्ष तक की हो…
पूरा पढ़ेंधारा 212 - अपराधी को संश्रय देना
अपराधी को संश्रय देना जबकि कोई अपराध किया जा चुका हो, तब जो कोई किसी ऐसे व्यक्ति को, जिसके बारे में वह जानता हो या विश्वास करने का कारण रखता हो कि वह अपराधी है, वैध दंड से प्रतिच्छादित करने के आशय से संश्रय देगा या छिपाएगा ; यदि अपराध मॄत्यु से दंडनीय हो - यदि वह अपराध मॄत्यु से दंडनीय हो तो वह दोनों में से किसी भांति…
पूरा पढ़ें- BNS §212IPC §177बदलाव हुआ
गलत जानकारी देना।
धारा 177 - मिथ्या इत्तिला देना
- BNS §249IPC §212
धारा 249. अपराधी को संश्रय देना ।
धारा 212 - अपराधी को संश्रय देना
