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आपराधिक बल का प्रयोग।
जो कोई भी जानबूझकर किसी व्यक्ति की सहमति के बिना, किसी अपराध को अंजाम देने के उद्देश्य से, या ऐसे बल के प्रयोग से उस व्यक्ति को चोट, भय या असुविधा पहुँचाने के इरादे से, या यह जानते हुए कि ऐसे बल के प्रयोग से उस व्यक्ति को चोट, भय या असुविधा होने की संभावना है, उस पर बल का प्रयोग करता है, तो उसे उस दूसरे व्यक्ति पर…
पूरा पढ़ेंधारा 350 - आपराधिक बल
आपराधिक बल जो कोई किसी व्यक्ति पर उस व्यक्ति की सम्मति के बिना बल का प्रयोग किसी अपराध को करने के लिए उस व्यक्ति को, जिस पर बल का प्रयोग किया जाता है, क्षति, भय या क्षोभ, ऐसे बल के प्रयोग से कारित करने के आशय से, या ऐसे बल के प्रयोग से सम्भाव्यतः कारित करेगा यह जानते हुए साशय करता है, वह उस अन्य व्यक्ति पर आपराधिक बल…
पूरा पढ़ेंलोक सेवक की लापरवाही के कारण ऐसा कैदी भाग निकला।
जो कोई लोक सेवक होते हुए किसी राजकीय कैदी या युद्धबंदी की हिरासत में रहते हुए लापरवाही से ऐसे कैदी को किसी कारावास स्थल से भागने देता है, तो उसे तीन वर्ष तक की साधारण कारावास की सजा दी जाएगी और उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
पूरा पढ़ेंधारा 129 - उपेक्षा से लोक सेवक का ऐसे कैदी का निकल भागना सहन करना
उपेक्षा से लोक सेवक का ऐसे कैदी का निकल भागना सहन करना जो कोई लोक सेवक होते हुए और किसी राजकैदी या युद्धकैदी की अभिरक्षा में रखते हुए उपेक्षा से ऐसे कैदी का किसी ऐसे परिरोध स्थान से जिसमें ऐसा कैदी परिरुद्ध है, निकल भागना सहन करेगा, वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने…
पूरा पढ़ें- BNS §129IPC §350
आपराधिक बल का प्रयोग।
धारा 350 - आपराधिक बल
- BNS §157IPC §129
लोक सेवक की लापरवाही के कारण ऐसा कैदी भाग निकला।
धारा 129 - उपेक्षा से लोक सेवक का ऐसे कैदी का निकल भागना सहन करना
