HS Actकेंद्रीय कानून1956
हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम
An Act to amend and codify the law relating to intestate succession among Hindus.
1956 का अधिनियम संख्या 30 · Ministry of Law and Justice
- धाराएँ
- 32
- अध्याय
- 4
विषय-सूची
IPreliminary§ 1–44 धाराएँ
IIGeneral · General provisions relating to succession · Escheat§ 5–2925 धाराएँ2 निरस्त
General
- 5अधिनियम का कुछ सम्पत्तियों को लागू न होना
- 6सहदायिकी सम्पत्ति में के हित का न्यागमन
- 7तरवाड, तावषि, कुटुम्ब, कवरु या इल्लम् की सम्पत्ति में हित का न्यागमन
- 8पुरुष की दशा में उत्तराधिकार के साधारण नियम
- 9अनुसूची में के वारिसों के बीच उत्तराधिकार का क्रम
- 10अनुसूची के वर्ग 1 में के वारिसों में सम्पत्ति का वितरण
- 11अनुसूची के वर्ग 2 में के वारिसों में सम्पत्ति का वितरण
- 12गोत्रजों और बन्धुओं में उत्तराधिकार का क्रम
- 13डिग्रियों की संगणना
- 14हिन्दू नारी की सम्पत्ति उसकी आत्यंतिकतः अपनी सम्पत्ति होगी
- 15हिन्दू नारी की दशा में उत्तराधिकार के साधारण नियम
- 16हिन्दू नारी के वारिसों में उत्तराधिकार का क्रम और वितरण की रीति
- 17मरुमक्कत्तायम् और अलियसन्तान विधियों द्वारा शासित व्यक्तियों के विषय में विशेष उपबन्ध
General provisions relating to succession
- 18पूर्णरक्त को अर्धरक्त पर अधिमान प्राप्त है
- 19दो या अधिक वारिसों के उत्तराधिकार का ढंग
- 20गर्भ स्थित अपत्य का अधिकार
- 21सम-सामयिक मृत्युओं के विषय में उपधारणा
- 22कुछ दशाओं में सम्पत्ति अर्जित करने का अधिमानी अधिकार
- 23निवास-गृह के बारे में विशेष उपबन्ध(निरस्त)
- 24पुनर्विवाह करने वाली कुछ विधवाएं विधवा होने के नाते विरासत प्राप्त न कर सकेंगी(निरस्त)
- 25हत्या करने वाला निरर्हित होगा
- 26संपरिवर्तितों के वंशज निरर्हित होंगे
- 27उत्तराधिकार जबकि वारिस निरर्हित हो
- 28रोग, त्रुटि आदि से निरर्हता न होगी
Escheat
IIITestamentary Succession§ 301 धाराएँ
IVRepeals§ 31–322 धाराएँ1 निरस्त
